सीजेपी का प्रदर्शन और विवाद
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की गोवा इकाई ने 11 अक्टूबर को पणजी में आयोजित अपने प्रदर्शन के दौरान 'हिंदूवाद मुर्दाबाद' के नारे को लेकर उठे विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह धार्मिक मान्यताओं या भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी बयान, नारे या क्रियाकलाप का समर्थन नहीं करती। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ था, जिसमें उनकी पद से इस्तीफे की मांग की गई थी।
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बुधवार को चेतावनी दी थी कि इस प्रदर्शन के दौरान 'हिंदूवाद मुर्दाबाद' के नारे लगाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर एक वीडियो में युवा लड़कियों के एक समूह को यह नारा लगाते हुए देखा गया, जो कि प्रदर्शन का एक विवादास्पद पहलू बन गया।
सीजेपी की सफाई और मुख्यमंत्री का बयान
सीजेपी गोवा ने इंस्टाग्राम पर जारी एक बयान में कहा, "हम अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट करना चाहते हैं। सीजेपी सभी धर्मों, जातियों और समुदायों का सम्मान करती है। हम किसी की धार्मिक मान्यताओं या भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी बयान, नारे या कृत्य का समर्थन नहीं करते हैं।"
बयान में यह भी बताया गया कि 11 अक्टूबर के प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करना और चुनावी निष्पक्षता के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। मुख्यमंत्री सावंत ने संबंधित वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने पुलिस को जांच के निर्देश दिए और कहा, "उन (सीजेपी सदस्यों) के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
तिरंगा मार्च की अपील
इसी बीच, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने गुरुवार को युवाओं, 'देशभक्तों' और राजनीतिक दलों से 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस में आयोजित होने वाले 'तिरंगा' विरोध प्रदर्शन में एकजुट होने की अपील की। दीपके ने केंद्र सरकार पर चुनावी नतीजों को प्रभावित करने के लिए मतदाता सूची से नाम हटाने का आरोप लगाया।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम काटना कोई 'सेटिंग' था। दीपके ने तिरंगा यात्रा को पूरे देश में निकालने का आह्वान किया और संगठक सौरव दास और आशुतोष रांका को 'महज तिरंगा फहराने पर जेल' भेजे जाने का आरोप लगाया।





