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अंकिता भंडारी मामले में राहुल गांधी का राष्ट्रपति को पत्र: दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर चिंता

राहुल गांधी ने राष्ट्रपति से दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर पुनर्विचार करने की अपील की है।

अंकिता भंडारी मामले में राहुल गांधी का राष्ट्रपति को पत्र: दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर चिंता
फोटो: Rahul Gandhi Writes to President on Ankita Bhandari Case: Concerns Over Dushyant Gautam's Appointment

राहुल गांधी का पत्र

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अंकिता भंडारी मर्डर केस और वरिष्ठ भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने को लेकर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने राष्ट्रपति से आग्रह किया है कि वह इस नियुक्ति पर पुनर्विचार करें और जब तक जांच पूरी न हो जाए, दुष्यंत गौतम को पदभार न सौंपा जाए।


गौरतलब है कि उत्तराखंड में हुए अंकिता भंडारी के मर्डर केस की सीबीआई जांच चल रही है। इस मामले में 'वीआईपी' से जुड़े सवाल उठते रहते हैं, जिसमें दुष्यंत गौतम का नाम भी शामिल है। हालांकि, अब तक की जांच रिपोर्टों में उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिल पाया है।


अंकिता भंडारी का मामला और धरना

हाल ही में केंद्र सरकार ने दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाने की घोषणा की है, जिससे फिर से यह मामला सुर्खियों में आ गया। अंकिता भंडारी के माता-पिता इंडिया गेट पर धरने पर बैठ गए, जिसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी वहां पहुंचे।


राहुल गांधी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखते हुए कहा, "अंकिता भंडारी 19 साल की थी जब उसका मर्डर हुआ। इस मामले में भाजपा नेता पुलकित आर्या का नाम सामने आया है, जिसने अंकिता को 'स्पेशल सर्विस' देने के लिए कहा था। जब अंकिता ने इनकार किया, तब उसकी हत्या कर दी गई। यह तीनों अभियुक्त अब उम्रकैद की सजा काट रहे हैं, लेकिन अभी भी यह सवाल अनुत्तरित है कि वह वीआईपी कौन था?"


दुष्यंत गौतम की भूमिका पर सवाल

राहुल गांधी ने पत्र में बताया कि अंकिता के परिवार और अन्य लोगों को संदेह है कि दुष्यंत गौतम इस मामले से किसी तरह जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा, "सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है। दुष्यंत गौतम की नियुक्ति से यह स्पष्ट होता है कि प्रधानमंत्री मोदी को महिलाओं की सुरक्षा की बिल्कुल परवाह नहीं है। मैं आपसे अपील करता हूं कि सरकार को इस नियुक्ति पर पुनर्विचार करने और जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को पदभार न देने की सलाह दें।"


उन्होंने आगे कहा, "अगर दुष्यंत गौतम राज्यपाल बनते हैं, तो उनके खिलाफ कोई आपराधिक कार्रवाई नहीं हो सकेगी। राज्यपाल का पद संवैधानिक होता है और इस दौरान उनके ऊपर कोई आपराधिक मामला नहीं चल सकता। दुष्यंत गौतम की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति उन्हें सीबीआई की जांच से दूर ले जाएगी, जिससे यह मामला केवल एक जांच बनकर रह जाएगा।"


राष्ट्रपति से पुनर्विचार की अपील

राहुल गांधी ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया कि वह केंद्र सरकार को इस नियुक्ति पर पुनर्विचार करने की सलाह दें। उन्होंने लिखा, "मैं जानता हूं कि राज्यपाल की नियुक्ति मंत्रियों की परिषद और प्रधानमंत्री की सलाह पर होती है। लेकिन दुष्यंत गौतम की नियुक्ति यह साबित करती है कि उन्हें महिलाओं की सुरक्षा की चिंता नहीं है। आर्टिकल 74 (1) आपको इस नियुक्ति पर पुनर्विचार करने की शक्ति देता है।"