प्रशांत भूषण के बयान से उठी राजनीतिक हलचल
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के 'रिजीम चेंज' संबंधी बयान ने दिल्ली की राजनीतिक स्थिति में हलचल मचा दी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस बयान का विरोध करते हुए प्रशांत भूषण, नेहा बोरा और अन्य विपक्षी नेताओं पर तीखा हमला बोला। भाजपा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनका 'पूरा इकोसिस्टम' केंद्र में सत्ता प्राप्त करने और 'तख्तापलट' करने के लिए देश में 'बांग्लादेश जैसी अराजकता' फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने यहां पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की नेता नेहा बोरा की टिप्पणी को 'राहुल गांधी की साजिश का प्रमाण' बताया। उन्होंने कहा कि नेहा बोरा ने यह स्वीकार किया है कि वह बांग्लादेश में युवाओं के आंदोलन से प्रभावित हैं, और उनके शब्दों के पीछे राहुल गांधी की सोच है।
तख्तापलट की साजिश का आरोप
भंडारी ने यह भी दावा किया कि राहुल गांधी का इकोसिस्टम भारत में बांग्लादेश जैसा 'जेन जी' आंदोलन चाहता है और उनका मुख्य उद्देश्य 'तख्तापलट' करना है। उन्होंने कहा कि नेहा बोरा की टिप्पणी और राहुल गांधी के हाल के विरोध मार्च में उपस्थित होने से स्पष्ट होता है कि कांग्रेस नेता अपने 'समर्थकों' के साथ मिलकर देश में अराजकता फैलाने की 'साजिश' कर रहे हैं, ताकि कांग्रेस को केंद्र में वापस लाया जा सके।
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने नेहा बोरा पर हमला बोलते हुए उन्हें विदेशी ताकतों का एजेंट बताया। उन्होंने कहा, 'नेहा बोरा ने कहा कि हमारा आंदोलन बांग्लादेश से शुरू हुआ था। भारत में आपका आंदोलन भले ही जंतर-मंतर से शुरू हुआ हो, लेकिन यह वहीं समाप्त हो जाएगा।'
प्रशांत भूषण पर तीखा हमला
संबित पात्रा ने प्रशांत भूषण के बयान पर भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'भूषण का कहना है कि यह संघर्ष सत्ता परिवर्तन के लिए है, लेकिन मैं स्पष्ट कर दूं कि यह देश किसी एक परिवार की संपत्ति नहीं है। उनका एकमात्र उद्देश्य सत्ता परिवर्तन करना है।'
पात्रा ने यह भी कहा कि हमारे देश में सत्ता परिवर्तन की एक वैध प्रक्रिया है, जिसके तहत हर पांच साल में चुनाव होते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि प्रशांत भूषण और उनके जैसे लोग अराजकता में विश्वास रखते हैं।
भूषण के विवादास्पद बयान का संदर्भ
प्रशांत भूषण ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि लोकतंत्र में सरकार के खिलाफ असंतोष पैदा करना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अब यह संघर्ष 'वास्तव में सत्ता परिवर्तन' के लिए है।
भूषण के इस बयान ने भाजपा में बेचैनी पैदा कर दी है, जिसके बाद पार्टी ने उन पर और विपक्षी नेताओं पर हमले तेज कर दिए हैं। उनका कहना है कि इस तरह की बयानबाजी से देश में अराजकता फैलने का खतरा है।





