दिल्ली में फिर हुआ बवाल
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हाल के दिनों में आंदोलन की हलचल बढ़ गई है। शुक्रवार को यहां एक बार फिर बवाल की स्थिति उत्पन्न हुई, जब कई युवा कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ सहित अन्य कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में रखा। यह कार्रवाई तब की गई जब NSUI के नेता महिला कार्यकर्ताओं के साथ हुई कथित मारपीट के खिलाफ पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के समक्ष धरना दे रहे थे।
छात्र नेताओं ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग की है, लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की।
विनोद जाखड़ के गंभीर आरोप
गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि संगठन की महिला कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई, और उनमें से कुछ को एक अंधेरे कमरे में ले जाकर जूते से पीटा गया। जाखड़ ने कहा, "हम यहां केवल FIR दर्ज कराने आए हैं, लेकिन DCP न तो हमसे बात कर रहे हैं और न ही हमारी सुन रहे हैं। क्या हमारी महिला कार्यकर्ताओं के लिए न्याय मांगना अपराध है?"
संगठन का कहना है कि वे बुधवार को एडिशनल DCP सहित वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करने के बावजूद अपनी शिकायत पर कोई FIR दर्ज नहीं करा सके।
राजनीतिक दबाव का आरोप
NSUI के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रवि पांडे ने विनोद जाखड़ और अन्य सदस्यों को हिरासत में लिए जाने की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय जवाबदेही मांगने वालों को ही हिरासत में ले रही है। पांडे ने आरोप लगाया कि पुलिस राजनीतिक दबाव में काम कर रही है और ज्ञानेश कुमार को बचाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने इस स्थिति को अत्यंत चिंताजनक बताया और विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
NSUI ने स्पष्ट किया है कि नेताओं की हिरासत से उनका विरोध प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया और FIR दर्ज नहीं की गई, तो वे देशभर में अपना आंदोलन और तेज करेंगे।
इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बीते गुरुवार को पार्टी के तीन संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। राहुल गांधी ने इन संगठनों के नेताओं की प्रशंसा करते हुए उन्हें 'बब्बर शेर' कहा जो डटकर खड़े हुए हैं।





