सुप्रीम कोर्ट ने संजय राउत से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना यूबीटी के सांसद संजय राउत को CJI सूर्यकांत के खिलाफ की गई टिप्पणियों के चलते नोटिस जारी किया है। अदालत ने राउत के आचरण को लेकर सवाल उठाए हैं। यह कार्रवाई गुरुवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और अन्य नेताओं द्वारा दाखिल की गई याचिका के संदर्भ में की गई है, जिसमें चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण मांगा गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगली सुनवाई में एक याचिकाकर्ता के आचरण पर भी चर्चा की जाएगी।
राहुल गांधी सहित 12 नेताओं की याचिका पर सुनवाई
गुरुवार को अदालत ने राहुल गांधी सहित बारह नेताओं की याचिका पर चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जवाब मांगा। साथ ही, यह बताया गया कि नेताओं ने 12 अक्टूबर को एक मार्च निकालकर अदालत पर दबाव बनाने की कोशिश की थी। इस पर CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाला बागची की बेंच ने सख्त रुख अपनाया।
बेंच ने कहा, 'न्यायपालिका को कोई डरा-धमकाकर दबाव में नहीं ला सकता।' CJI ने यह भी कहा कि अदालत के बाहर और अंदर जो कुछ हो रहा है, उसकी उन्हें पूरी जानकारी है।
नोटिस जारी करने का निर्णय
कोर्ट ने कहा कि एक याचिकाकर्ता के आचरण पर सवाल उठाने का निर्णय लिया गया है और नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नोटिस जारी करना यह नहीं दर्शाता कि वे किसी को गलत ठहरा रहे हैं। अदालत ने कहा, 'एक याचिकाकर्ता के लिए नोटिस पर अस्थायी तौर पर विचार होगा, बशर्ते वह अपने व्यवहार की वजह बताए।'
इस मामले में संजय राउत के अलावा अन्य नेताओं की भी याचिकाओं पर सुनवाई जारी है।
विपक्ष का प्रदर्शन जारी
विपक्ष, खासकर कांग्रेस की अगुवाई में, लगातार प्रदर्शन कर रहा है। इसके साथ ही, कई अन्य संगठन भी इस आंदोलन में शामिल हो गए हैं। जंतर मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के खिलाफ भी नेताओं ने नाराजगी जताई है।
हाल ही में, इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि चुनाव आयुक्तों ने SIR से संबंधित फैसलों पर कई मौकों पर आपत्ति जताई थी, हालांकि आयोग ने इस पर कहा था कि मतभेदों को टकराव नहीं माना जाना चाहिए।





