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राष्ट्रीय • दिल्ली

मतदाता नाम हटाने को लेकर अभिजीत दीपके ने उठाए गंभीर सवाल

सरकार पर चुनावी परिणामों को प्रभावित करने का आरोप, प्रदर्शनकारियों की रिहाई की मांग

मतदाता नाम हटाने को लेकर अभिजीत दीपके ने उठाए गंभीर सवाल
फोटो: Abhijit Deepke Raises Serious Questions Over Voter Name Removal

सरकार पर आरोप

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने गुरुवार को आरोप लगाया कि सरकार चुनावी परिणामों को प्रभावित करने के लिए मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाना अगर मिलीभगत नहीं है, तो फिर क्या है। दीपके और विभिन्न छात्र संगठनों के नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ कथित अनुचित बर्ताव की निंदा की है।


दीपके ने आरोप लगाया कि राजधानी में प्रदर्शनों में भाग लेने वाले लोगों को रोकने के लिए असाधारण प्रतिबंध लगाए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सीजेपी, छात्र संगठनों और युवा संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों की रिहाई, पुलिस की बर्बरता पर रोक लगाने और जंतर-मंतर को फिर से प्रदर्शन स्थल के रूप में बहाल करने की मांग की है।


प्रदर्शन और प्रशासनिक दमन

दीपके ने कहा, ''भारत के इतिहास में पहली बार, ज्ञानेश के लिए रेलवे और मेट्रो सेवाएं बंद कर दी गईं।'' उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त को क्यों बचा रही है। उन्होंने कहा, ''ज्ञानेश कुमार मोदी को ऐसा क्या दे रहे हैं कि वह उनके लिए दिल्ली को ठप करने को तैयार हैं?''


दीपके ने नरेन्द्र मोदी और अमित शाह पर आरोप लगाया कि वे अपने ही देशवासियों के खिलाफ लड़ाई छेड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, ''नरेन्द्र मोदी के लिए ज्ञानेश कुमार इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं? क्या हम यह मान लें कि ज्ञानेश कुमार नरेन्द्र मोदी को चुनाव जितवा रहे हैं?''


भाजपा की चुनावी रणनीति पर सवाल

दीपके ने 2024 के लोकसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले चुनाव में जीत का अंतर केवल दो प्रतिशत था और इस बार 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने कहा, ''जहां दो प्रतिशत वोट परिणाम तय कर रहे हों, वहां आप 13 करोड़ वोट हटा रहे हैं। अगर यह 'मिलीभगत' नहीं है, तो फिर क्या है?''


उन्होंने भाजपा के 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' के नारे को एक अन्य राजनीतिक उद्देश्य को छिपाने का उपाय बताया। उनका कहना था, ''...'एक राष्ट्र, एक चुनाव' तो बस एक नारा है। असल इरादा 'एक राष्ट्र, एक पार्टी, एक नेता' का है।''


तिरंगे का अपमान और लोकतांत्रिक अधिकार

दीपके ने कहा, ''जिन्होंने कभी तिरंगे को नहीं अपनाया, वे ही अब उस पर हमला कर रहे हैं।'' उन्होंने कनॉट प्लेस में शुक्रवार को ''लहरा दो तिरंगा'' मार्च की घोषणा की और नागरिकों से इसमें शामिल होने का आग्रह किया, कहते हुए कि राष्ट्रीय ध्वज फहराना एक लोकतांत्रिक अधिकार है।


बोरा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने विरोध प्रदर्शनों को कवर कर रहे पत्रकारों को निशाना बनाया और उनके पास प्रेस पहचान पत्र होने के बावजूद उन्हें हिरासत में ले लिया। उन्होंने एक पत्रकार के साथ हुई कथित यौन उत्पीड़न की घटना का भी जिक्र किया, जिसमें प्राथमिकी दर्ज की गई है।