राहुल गांधी पर अमित शाह का हमला
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस के नेता राहुल गांधी पर राजनीतिक अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें संसद में सक्रियता दिखानी चाहिए। हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान शाह ने कहा कि राहुल को खुलकर संसद के विशेष सत्र में भाग लेना चाहिए और अपने मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि संविधान की जिम्मेदारियों का निर्वहन केवल संसद के माध्यम से किया जा सकता है, लेकिन राहुल गांधी संसद को ठीक से चलने नहीं देते।
शाह ने यह भी कहा कि कांग्रेस जानबूझकर हंगामा और अव्यवस्था पैदा करती है ताकि वह मीडिया में बनी रहे। उनका मानना है कि यदि संसद सही तरीके से चलेगी, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कांग्रेस को पराजित कर देंगे।
मॉक संसद पर तंज
अमित शाह ने राहुल गांधी द्वारा आयोजित मॉक पार्लियामेंट पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर राहुल उनसे सलाह लेते, तो वह बिना नेता प्रतिपक्ष बने ही उस नकली संसद में प्रधानमंत्री बनने का सुझाव देते। शाह ने मजाक में कहा कि अगर मॉक संसद में राहुल प्रधानमंत्री बन जाते, तो उनकी मां सोनिया गांधी को थोड़ी शांति मिल जाती।
उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी इस प्रकार चुनाव नहीं जीत सकते और उन्हें केवल तीन-चार महीने देश में रहकर जनता के बीच समस्याओं को समझना चाहिए। इसे ध्यान में रखते हुए शाह ने राहुल को सलाह दी कि उन्हें वास्तव में लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए मेहनत करनी होगी।
भविष्य के चुनावों में बीजेपी की जीत का दावा
अमित शाह ने आगामी चुनावों को लेकर बड़ा दावा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि 2024 के बाद बीजेपी महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम में जीत हासिल करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि तेलंगाना में भी पार्टी की जीत सुनिश्चित है। शाह ने कहा कि राहुल गांधी जितनी मेहनत कर लें, बीजेपी मतदाता सूची से हर घुसपैठिए का नाम हटवाने में सक्षम है।
गृह मंत्री ने राहुल गांधी के उस आरोप पर भी सवाल उठाया जिसमें उन्होंने एसआईआर के माध्यम से चुनाव जीतने की बात कही थी। उन्होंने याद दिलाया कि 2014 और 2019 में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने थे, जबकि उस समय एसआईआर का अस्तित्व नहीं था।
मतदाता सूची की सफाई पर जोर
केंद्रीय गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस फर्जी मतदान के जरिए चुनाव जीतने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के नाम पर दो वोट दर्ज हैं, तो क्या उनमें से एक को हटाना उचित नहीं होगा? शाह ने मतदाता सूची में गड़बड़ियों का जिक्र करते हुए कहा कि तीन करोड़ वोट ऐसे हैं जिनसे जुड़े लोग वास्तव में मौजूद नहीं हैं, जिन्हें बांग्लादेशी घुसपैठियों का बताया गया।
उन्होंने मतदाता सूची की सफाई की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए कहा कि चुनाव में केवल वास्तविक और योग्य मतदाता ही अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।





