धीरेंद्र शास्त्री का विवादित बयान
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के एक और विवादास्पद बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मंगलवार को उन्होंने एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पर आलोचना की। वायरल वीडियो में शास्त्री ने कहा कि भगवान राम के पांच पिता थे। उन्होंने कहा, 'राम जी के पांच बाप थे। यह सुनने में अजीब लगता है, लेकिन यह सच है। इसे किसी लेख में नहीं मिलेगा और यह मत पूछो कि किस लेख में है। हमारी छोटी सी कुमति है तो बता रहे हैं।'
शास्त्री ने आगे कहा, 'अगर दशरथ जी के प्राण गए, तो राम जी ने अंत्योष्टि क्रिया नहीं की।' इस बयान ने एक बार फिर विवाद को जन्म दिया है।
अखिलेश यादव का कड़ा विरोध
धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने लिखा, 'ये सनातन विरोधी किसके कहने पर सक्रिय हैं। पहले भगवान कृष्ण के बारे में विवादित वीडियो आया, अब भगवान राम के पिता के बारे में अभद्रता की बात की जा रही है।' उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसे सभी कार्यक्रमों को रद्द किया जाए।
यादव ने कहा कि समाज में सौहार्द बिगड़ने के आरोप में इन कार्यक्रमों को रद्द करने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि सच्चे सनातनी अब इनकी पर्ची लिखेंगे।
भगवान राम और श्रीकृष्ण की तुलना पर विवाद
इससे पहले, मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में श्रीराम कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान राम और भगवान श्रीकृष्ण की तुलना की थी, जिसका वीडियो वायरल हुआ था। इस टिप्पणी पर संत समाज के कुछ वर्गों ने आपत्ति जताई। इसके बाद शास्त्री ने सफाई देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य धार्मिक भावनाओं को आघात पहुँचाना नहीं था।
उन्होंने कहा, 'अगर मेरी बातों से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो मैं क्षमा चाहता हूँ। मेरी टिप्पणी भक्ति परंपरा और ब्रज की प्रेमपूर्ण अभिव्यक्ति के संदर्भ में थी।' हालांकि, इस सफाई के बावजूद विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और सामाजिक चिंताएँ
अखिलेश यादव ने सोमवार को श्रीकृष्ण का एक वीडियो शेयर करते हुए इसे 'दुर्भाग्यपूर्ण' करार दिया। उन्होंने कहा, 'कोई राजनीतिक संरक्षण प्राप्त 'लघु-बंधु' बनकर सनातन समाज की एकता को तोड़ने का कार्य कर रहा है।' उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इसे नहीं रोका गया, तो इससे समाज में अशांति और असंतोष का माहौल बनेगा।
यादव ने कहा कि इस प्रकार की निंदात्मक टिप्पणियों के खिलाफ सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होना चाहिए, क्योंकि यह समाज और देश के लिए हानिकारक है। उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया, जो सनातन धर्म और उसके प्रतीकों का अपमान कर रहे हैं।





