Washington:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में टेक उद्योग के शीर्ष दिग्गजों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की। इस सम्मेलन में OpenAI, Anthropic, Nvidia, SpaceX, Meta और Google जैसी दिग्गज कंपनियों के प्रमुख शामिल हुए।
समिट की 3 सबसे प्रमुख बातें
1. AI 'स्व-नियमन' (Self-Regulation) समझौता
बैठक के बाद ट्रंप ने बताया कि टेक कंपनियों के प्रमुखों ने एक "नैतिक रूप से बाध्यकारी" समझौते (Morally Binding Pact) पर हस्ताक्षर किए हैं:
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सुरक्षा मानक: कंपनियां तकनीक की सुरक्षा और उसके जोखिमों को नियंत्रित करने के लिए खुद जिम्मेदार होंगी।
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स्वतंत्र ऑडिट: AI मॉडल अनधिकृत रूप से किसी सिस्टम को हैक न करें, इसके लिए स्वतंत्र ऑडिटरों के साथ काम किया जाएगा।
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निरीक्षण बोर्ड: ट्रंप ने घोषणा की कि वे AI सुरक्षा की निगरानी के लिए जल्द एक विशेष बोर्ड का गठन करेंगे।
2. डेटा सेंटरों के निर्माण पर जोर
ट्रंप ने देशभर में AI को ऊर्जा देने वाले डेटा सेंटरों (Data Centres) के तेजी से विस्तार का समर्थन किया।
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स्थानीय विरोध और ट्रम्प का पक्ष: बिजली की अत्यधिक खपत और स्थानीय प्रभाव के कारण डेटा सेंटरों का विरोध हो रहा है। हालांकि, ट्रंप ने कहा कि ये कंपनियां स्थानीय समुदायों के विकास में भारी योगदान देंगी।
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सुपर इंटेलिजेंस फैक्ट्रियां: Nvidia के सीईओ जेन्सन हुआंग ने डेटा सेंटरों को "सुपर इंटेलिजेंस फैक्ट्रियां" करार दिया जो अमेरिका का औद्योगीकरण कर रही हैं।
3. अब 'AI' नहीं, 'Super Intelligence' (SI) कहा जाएगा
राष्ट्रपति ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश जारी कर अमेरिकी सरकारी विभागों को आधिकारिक पत्राचार और वेबसाइटों में 'AI' के स्थान पर 'SI' (Super Intelligence) शब्द का उपयोग करने का निर्देश दिया है।
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संयुक्त राष्ट्र में भाषण के दौरान ट्रंप ने कहा था कि 'Artificial' शब्द से तकनीक नकली (fake) लगती है, इसलिए अब इसे 'सुपर इंटेलिजेंस' कहा जाएगा





