Washington/Tehran:
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन मीडिया रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने बातचीत के दौरान ईरान को प्रतिबंधों में राहत और जब्त फंड जारी करने की पेशकश की है। वहीं, ईरान ने साफ कर दिया है कि अगर उसकी सुरक्षा और आर्थिक मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो पूरे क्षेत्र का बुनियादी ढांचा निशाने पर होगा।
डोनाल्ड ट्रंप का स्पष्ट इनकार: "मैंने उन्हें कुछ भी ऑफर नहीं किया"
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट के जरिए एक्सियोस (Axios) की रिपोर्ट का खंडन किया। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि परमाणु कार्यक्रम पर प्रगति के बदले अमेरिका ईरान को आर्थिक राहत देने के लिए तैयार है।
-
ट्रंप का बयान: ट्रंप ने लिखा, "एक्सियोस ने एक खबर प्रकाशित की है कि मैंने ईरान को प्रतिबंधों में राहत और जब्त फंड देने का प्रस्ताव दिया है। यह पूरी तरह से असत्य है। मैंने उन्हें कुछ भी ऑफर नहीं किया है!"
-
मध्यस्थों के जरिए बातचीत: हालांकि, ट्रंप ने यह पुष्टि की है कि अमेरिकी और ईरानी वार्ताकार मध्यस्थों के माध्यम से बातचीत में लगे हुए हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) पर आज आ सकता है अमेरिकी जवाब
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने कहा है कि तेहरान को 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को फिर से खोलने के अपने प्रस्ताव पर अमेरिका से औपचारिक जवाब की उम्मीद है।
-
ईरान का प्रस्ताव: ईरान ने 7 दिनों के युद्धविराम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को चरणबद्ध तरीके से खोलने का प्रस्ताव रखा है।
-
कतरी मध्यस्थता: कतर के मध्यस्थ इस मामले पर अमेरिकी पक्ष से चर्चा कर रहे हैं और जल्द ही अंतिम जवाब ईरान को सौंपे जाने की संभावना है।
ईरान की सख्त चेतावनी: "कोई भी तेल नहीं बेच पाएगा"
ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ (Mohammad Bagher Ghalibaf) ने क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की सीधी धमकी दी है।
मोहम्मद बागेर गालिबफ का बयान:
"जिस क्षेत्र में हम तेल नहीं बेच सकते, वहां कोई दूसरा भी तेल नहीं बेच पाएगा। अगर हमारी सुरक्षा की गारंटी नहीं दी गई, तो क्षेत्र का कोई भी बुनियादी ढांचा (Infrastructure) हमलों से सुरक्षित नहीं रहेगा।"
क्या है विवाद की मुख्य वजह?
ईरान की मांग है कि अमेरिका उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंध हटाए और उसके तेल निर्यात पर लगी रोक को खत्म करे। हालांकि, ट्रंप ने ईरान के इस नए प्रस्ताव को पहले ही खारिज कर दिया था, जबकि ईरान का कहना है कि वह अपनी मांगों में कोई बदलाव नहीं करेगा।





