इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष में बीते सप्ताह ईरान को बड़ा नुकसान हुआ है। इजरायल की हवाई हमलों की श्रृंखला में IRGC के तीन वरिष्ठ अधिकारी – मोहम्मद काजमी, हसन मोहकक और मोहसिन बागेरी मारे गए। साथ ही रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि पूर्व IRGC प्रमुख हुसैन सलामी भी इन हमलों में मारे गए।
इजरायल का कहना है कि ईरान परमाणु हथियारों के निर्माण की दिशा में तेज़ी से बढ़ रहा है, जबकि तेहरान इस आरोप को खारिज करता आया है।
इजरायली हमलों के जवाब में ईरान ने गुरुवार को एक बड़ा पलटवार करते हुए यरुशलम के एक अस्पताल पर मिसाइल हमला किया। हालांकि इस हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा हुई है, लेकिन तेहरान इसे "आत्मरक्षा" करार दे रहा है।
IRGC प्रमुख मेजर जनरल पाकपुर ने एक बयान में चेतावनी दी कि अगर इजरायल हमले बंद नहीं करता, तो हम नरक के दरवाजे खोल देंगे। उन्होंने कहा कि ईरान अब अपने किसी भी वरिष्ठ सैन्य अधिकारी की मौत को नजरअंदाज नहीं करेगा और हर हमले का जवाब दिया जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में ईरान का विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम है। इजरायल का दावा है कि ईरान अब परमाणु हथियार हासिल करने के मुहाने पर है। इस दावे के जवाब में ईरान ने बार-बार कहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।
परमाणु तनाव, सैन्य कार्रवाई और कूटनीतिक चेतावनियों के बीच ईरान-इजरायल युद्ध का खतरा तेजी से गहराता जा रहा है, और अब विश्व समुदाय की निगाहें इस संकट के संभावित समाधान की ओर हैं।





