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चुनाव • दिल्ली

CWC की बैठक में नीतीश कुमार पर घमासान: सोनिया गांधी बोलीं- 'उनका जाने का बहाना तय था'

CWC बैठक में दिग्विजय सिंह के नीतीश कुमार वाले बयान पर सोनिया गांधी ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि नीतीश तो निकलने का रास्ता ही तलाश रहे थे।

CWC की बैठक में नीतीश कुमार पर घमासान: सोनिया गांधी बोलीं- 'उनका जाने का बहाना तय था'
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कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर पार्टी के शीर्ष नेताओं के बीच बहस देखने को मिली। वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने जेडीयू (JDU) प्रमुख के INDIA ब्लॉक छोड़ने पर मलाल जताया, जिस पर कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि नीतीश कुमार को गठबंधन में रहना ही नहीं था और उनका बाहर निकलना पहले से ही तय था।

CWC बैठक में क्या हुआ?

बैठक के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और बीजेपी को घेरने की रणनीति पर चर्चा हो रही थी। इसी दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि INDIA गठबंधन को 2024 में नीतीश कुमार को जाने नहीं देना चाहिए था। उनके मुताबिक, यदि नीतीश साथ रहते तो राजनीतिक स्थिति कुछ और होती।

  • सोनिया गांधी का जवाब: दिग्विजय सिंह की इस बात को सोनिया गांधी ने तुरंत खारिज कर दिया। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने कहा, "वह INDIA गठबंधन में नहीं रहना चाहते थे। यह अच्छा ही हुआ कि वे जिस समय गए, चले गए। वे तो गठबंधन से बाहर निकलने का रास्ता ही तलाश रहे थे।"

  • मल्लिकार्जुन खरगे ने भी किया समर्थन: कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने सोनिया गांधी के विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि नीतीश कुमार का INDIA ब्लॉक का संयोजक बनने का प्रयास केवल एक 'छलावा' था, क्योंकि वे बिहार की राजनीति पर केंद्रित रहकर केवल दिखावा कर रहे थे।

2024 में क्यों टूटा था नीतीश कुमार का INDIA ब्लॉक से नाता?

नीतीश कुमार, जिन्हें विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने का मुख्य सूत्रधार (Key Architect) माना जाता था, ने 28 जनवरी 2024 को महागठबंधन सरकार से इस्तीफा देकर बीजेपी नीत एनडीए (NDA) में वापसी कर ली थी।

  • सीट शेयरिंग और देरी: रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीतीश कुमार सीटों के बंटवारे में हो रही देरी और समय पर संयोजक न बनाए जाने से काफी नाराज थे।

  • ममता और केजरीवाल का प्रस्ताव: स्थिति तब और बिगड़ी जब टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी और आप (AAP) प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने पीएम चेहरे और अध्यक्ष पद के लिए मल्लिकार्जुन खरगे के नाम का प्रस्ताव रखा, जिससे नीतीश किनारे महसूस करने लगे।

नीतीश कुमार ने क्या सफाई दी थी?

इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार ने कहा था कि वे गठबंधन को सफल बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे थे, लेकिन बाकी दल कोई प्रयास नहीं कर रहे थे। उन्होंने कहा था, "गठबंधन बनने के बाद कोई कुछ काम नहीं कर रहा था। INDIA ब्लॉक मेरी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा।"