मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश की राजनीति में सरगर्मी तेज हो गई है। 'इंडिया' गठबंधन के बैनर तले विपक्षी दलों ने संसद तक मार्च निकाला, जिसके बाद राजनीतिक घमासान और बढ़ गया है। इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र को बहाल करने के लिए विपक्ष हर लड़ाई लड़ने को तैयार है।
लोकतंत्र बचाने के लिए हर लड़ाई लड़ने को तैयार: मल्लिकार्जुन खरगे
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 'इंडिया' गठबंधन के नेता संसद तक विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हम देश में लोकतंत्र को फिर से बहाल करने के लिए सड़कों पर उतरे हैं। खरगे ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया, "जब हमारे लोग देश के लिए जान दे सकते हैं, तो हम लोकतंत्र बचाने के लिए जेल जाने से क्यों डर सकते हैं?" उन्होंने दोहराया कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे को बचाने के लिए यह विरोध जारी रहेगा।
सड़क पर धरने पर बैठे राहुल और प्रियंका गांधी
विपक्षी दल संसद भवन तक मार्च निकालने की जिद पर अड़े हुए हैं। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए पुलिस ने नीति आयोग के मुख्यालय के पास विपक्षी नेताओं के मार्च को रोक दिया। आगे बढ़ने की अनुमति न मिलने पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान विपक्षी सांसद तख्तियां लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे थे, जिन पर "बीजेपी ही CEC है" जैसे नारे लिखे हुए थे। पुलिस की बैरिकेडिंग लांघने की कोशिश के दौरान राहुल गांधी सुरक्षाकर्मियों को पीछे हटने के लिए कहते हुए भी नजर आए।
19 दलों के नेता शामिल, आप और डीएमके ने बनाई दूरी
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ इस बड़े विरोध प्रदर्शन में कुल 19 विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए हैं। हालांकि, इस मार्च और धरने से आम आदमी पार्टी (AAP) और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने दूरी बनाए रखी है। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद भी बैरिकेड्स पर चढ़कर भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते दिखे। विपक्षी नेता ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर पूरी तरह अड़े हुए हैं और उनका यह प्रदर्शन राष्ट्रीय राजनीति में एक नया विवाद बन गया है।





