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Milkipur Bypolls: BJP ने चंद्रभान पासवान को दिया टिकट, अवधेश प्रसाद के बेटे से है मुकाबला

समाजवादी पार्टी ने इस सीट पर अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद को मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने सपा के प्रत्याशी को समर्थन देने का फैसला किया है।

Milkipur Bypolls: BJP ने चंद्रभान पासवान को दिया टिकट, अवधेश प्रसाद के बेटे से है मुकाबला
फोटो: Milkipur Bypolls, BJP, Awadhesh Prasad
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अयोध्या की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए चंद्रभान पासवान को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। यह सीट बीजेपी और समाजवादी पार्टी (SP) के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है। बाबा गोरखनाथ, जो इस सीट से टिकट के लिए प्रयासरत थे, को दरकिनार करते हुए बीजेपी ने चंद्रभान पासवान पर भरोसा जताया। समाजवादी पार्टी ने इस सीट पर अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद को मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने सपा के प्रत्याशी को समर्थन देने का फैसला किया है। वहीं, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने उपचुनाव से दूर रहने का निर्णय लिया है।

मिल्कीपुर उपचुनाव: बीजेपी और सपा की सीधी टक्कर


मिल्कीपुर उपचुनाव बीजेपी के लिए अयोध्या लोकसभा सीट पर मिली हार का बदला लेने का मौका है, जबकि सपा इसे अखिलेश यादव के पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) नैरेटिव को आगे बढ़ाने का जरिया मान रही है। चंद्रभान पासवान और सपा के उम्मीदवार अजीत प्रसाद, दोनों पासी समाज से आते हैं, जो इस सीट पर प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं। चंद्रभान पासवान रुदौली से दो बार जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं और वर्तमान में उनकी पत्नी इस पद पर हैं। उनका परिवार साड़ी के व्यापार में सक्रिय है, और वह खुद रुदौली में साड़ी का कारोबार करते हैं। पिछले दो वर्षों से चंद्रभान मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

बाबा गोरखनाथ, जो मिल्कीपुर विधानसभा सीट के लिए टिकट के प्रमुख दावेदार माने जा रहे थे, इस बार बीजेपी की ओर से उम्मीदवार नहीं बनाए गए। गोरखनाथ का इस सीट पर मजबूत राजनीतिक प्रभाव रहा है, और वह पहले यहां से विधायक भी रह चुके हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में गोरखनाथ ने मिल्कीपुर सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें केवल 13,000 वोटों के मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद वह क्षेत्र में एक प्रभावशाली नेता के रूप में सक्रिय रहे हैं।

मिल्कीपुर सीट पर अक्टूबर 2024 में विधानसभा चुनाव होना तय था, लेकिन गोरखनाथ द्वारा दायर की गई एक याचिका के चलते चुनाव उस समय संपन्न नहीं हो सका। इस कानूनी प्रक्रिया के कारण सीट पर उपचुनाव में देरी हुई, जिससे अब यह सीट सियासी चर्चाओं का केंद्र बन गई है।  मिल्कीपुर उपचुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 17 जनवरी से शुरू होगी। मतदान 5 फरवरी को होगा, और परिणाम 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि सपा और बीजेपी के बीच यह मुकाबला किस दिशा में जाता है और किसे जीत का सेहरा पहनाया जाता है।

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