ईद और रामनवमी के दौरान शांति बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने 4,000 लोगों को 107 के तहत नोटिस भेजा है, और उन्हें एसडीओ कोर्ट में हाजिरी लगाने का निर्देश दिया है। एसपी ने यह भी कहा कि यदि किसी ने इस आदेश का उल्लंघन किया तो उसे कड़ी सजा दी जाएगी। मंगला जुलूस के दौरान उत्पन्न तनाव को देखते हुए जिला पुलिस खासतौर पर चौकस है और सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए पांच हजार से ज्यादा केंद्रीय पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा, पूरे शहर में सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन की मदद से निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अशांति को रोका जा सके।
रामनवमी और ईद को लेकर बड़कागांव थाना परिसर में शुक्रवार को शांति समिति की बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में दोनों समुदायों के लोग उपस्थित थे और बैठक की अध्यक्षता बीडीओ जितेंद्र कुमार मंडल ने की, जबकि थाना प्रभारी नेमधारी रजक ने संचालन किया। एसडीपीओ पवन कुमार ने इस दौरान बताया कि हाई कोर्ट के आदेशों का पालन करना जरूरी है और डीजे पर प्रतिबंध रहेगा। केवल साधारण स्पीकर बजाने की अनुमति होगी, लेकिन भड़काऊ गाने बजाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि ऐसा कुछ हुआ तो संबंधित अखाड़े के पदाधिकारियों और साउंड संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
इस बैठक में बीडीओ जितेंद्र कुमार मंडल और सीओ मनोज कुमार ने भी लोगों से अपील की कि भगवान रामचंद्र जी का जन्मदिन आदर्श तरीके से मनाएं और किसी भी प्रकार का कानून का उल्लंघन न करें। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग कानून को अपने हाथ में लेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की कि अगर उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत हो तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें। बैठक में आशीष भगत, राकेश खवास और रामनवमी महासमिति के अध्यक्ष विवेक सोनी समेत कई लोग भी उपस्थित थे।
Read This Also:- हजारीबाग में रामनवमी और ईद के दौरान धारा 163 लागू, सोशल मीडिया पर भड़काऊ कंटेंट को लेकर भी चेतावनी
Read This Also:- हजारीबाग में रामनवमी और ईद के दौरान धारा 163 लागू, सोशल मीडिया पर भड़काऊ कंटेंट को लेकर भी चेतावनी





