कांग्रेस का केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा
कांग्रेस पार्टी ने एसआईआर में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। इस दौरान कुछ पुराने कांग्रेसी नेता, जो अब पार्टी छोड़ चुके हैं, राहुल गांधी पर तंज कसने का कोई मौका नहीं चूक रहे हैं।
मल्लिकार्जुन खरगे ने राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो नेता पार्टी छोड़कर गए हैं, वे कभी राहुल के करीबी दोस्त रहे हैं। उनका ये बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि पार्टी में चल रही असहमति अक्सर व्यक्तिगत संबंधों पर भी असर डालती है।
राहुल गांधी का बयान
राहुल गांधी ने युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि जो लोग पार्टी छोड़कर गए हैं, वे डरपोक और लालची थे। उन्होंने कहा कि अब केवल 'शेर' बचे हैं, जो पार्टी की विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध हैं।
खरगे ने इस पर चुटकी लेते हुए कहा कि राहुल के कथन का अर्थ है कि जो लोग गए हैं, वे उनके करीबी दोस्त थे। राहुल ने यह भी कहा कि जिन नेताओं ने पार्टी छोड़ी, वे या तो ईडी और सीबीआई से डर गए थे या फिर स्वार्थवश चले गए।
इंदिरा गांधी का किस्सा
राहुल गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का एक दिलचस्प किस्सा साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने इंदिरा जी से दोस्ती और दुश्मनी के बारे में कितना कुछ सीखा। उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी ने कहा कि उनकी कोई अच्छी दोस्त नहीं है, जो इस बात को दर्शाता है कि राजनीति में संबंध हमेशा स्पष्ट नहीं होते।
राहुल ने कहा कि राजनीति में दिखने वाले दोस्त और दुश्मन के बीच की सीमाएं अक्सर धुंधली होती हैं। उन्होंने खरगे की तारीफ करते हुए कहा कि वे दो बार मुख्यमंत्री बनने से चूक गए, लेकिन उन्होंने कभी अपनी विचारधारा से समझौता नहीं किया।





