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कांग्रेस पर पलटवार करते हुए किरेन रिजिजू ने बीयर के संदर्भ का उठाया जिक्र

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पार्टी द्वारा जीडीपी के संदर्भ में दिए गए बीयर मजाक का जवाब देते हुए उन्हें नशे में होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नफरत उन्हें जमीनी हकीकत से दूर कर रही है।

कांग्रेस पर पलटवार करते हुए किरेन रिजिजू ने बीयर के संदर्भ का उठाया जिक्र
फोटो: कांग्रेस पर पलटवार करते हुए किरेन रिजिजू ने बीयर के संदर्भ का उठाया जिक्र

कांग्रेस पर तीखा हमला

केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू ने जीडीपी के आंकड़ों को लेकर कांग्रेस पार्टी पर सख्त प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कांग्रेस द्वारा इस मुद्दे पर बीयर के संदर्भ में किए गए मजाक का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी या तो अधिक बीयर पीने के कारण नशे में है या फिर भारत की प्रगति से इतनी नफरत करती है कि जमीनी हकीकत से पूरी तरह कट गई है।


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केरल कांग्रेस के एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'क्या कांग्रेस पार्टी बहुत ज्यादा बीयर पीने के कारण गहरे नशे में है? या वे भारत की तरक्की से इतनी नफरत करते हैं कि वे जमीनी हकीकत से पूरी तरह कट गए हैं?'


बीयर के संदर्भ में कांग्रेस का मजाक

हाल ही में जब जीडीपी वृद्धि का आंकड़ा 7.8% आया, तो कांग्रेस पार्टी ने इस पर लगातार तंज कसा। इस क्रम में केरल कांग्रेस के सोशल मीडिया हैंडल ने एक बीयर मग की तस्वीर साझा की, जिसमें 'ऑफिशियल जीडीपी' और 'इंडियन इकॉनमी' के संदर्भ में मजाक किया गया। यह ट्वीट जल्दी ही वायरल हुआ, जिसके बाद गोवा भाजपा के सोशल मीडिया हैंडल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।


भाजपा ने अपने ट्वीट में लिखा, 'चुप रहो, यह जीडीपी है। तुम्हारा पुराना बीयर और बार का बिजनेस नहीं। हम यहां पर लोगों की सेवा करने के लिए हैं।'


कांग्रेस का जीडीपी आंकड़ों पर हमला

कांग्रेस पार्टी ने जीडीपी के आंकड़ों पर पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग की टिप्पणियों को लेकर आरोप लगाए। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने गर्ग का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा कि पिछले साल तक जीडीपी में संशोधन के चलते चालू वर्ष की तिमाही में जीडीपी लगभग 10.3 प्रतिशत बढ़ी है। गर्ग ने एक न्यूज चैनल को बताया कि यदि पिछले साल की जीडीपी में संशोधन नहीं किया जाता, तो मौजूदा कीमतों पर विकास दर 2.6 प्रतिशत होती।


रमेश ने आगे कहा, 'मोदी सरकार अपनी टीम और मीडिया द्वारा आंकड़ों की बाजीगरी से जो जीडीपी विकास दर का ढिंढोरा पीट रही है, उसकी असलियत सामने आ जाएगी। यह आंकड़े जमीनी हकीकत के बिल्कुल विपरीत हैं।'


सच्चाई स्वीकारने की जरूरत

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए रमेश ने कहा कि पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग ने सरकार के दावों की सच्चाई को उजागर किया है। उनका आकलन है कि वास्तविक जीडीपी विकास दर लगभग 2.6% है, न कि 7.8%। उन्होंने आगे कहा, 'हम चाहते हैं कि अर्थव्यवस्था वास्तव में मजबूत हो, लेकिन यह मजबूत अर्थव्यवस्था झूठ की नींव पर नहीं बनती।'


रमेश ने सरकार से आग्रह किया कि वह सबसे पहले वास्तविक आर्थिक स्थिति को स्वीकार करे और उसके बाद सुधारों की दिशा में कदम उठाए। इसमें युवाओं के लिए रोजगार सृजन, MSME और निजी निवेश को बढ़ावा देना, मांग और आय में वृद्धि, आर्थिक असमानता को कम करना और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करना शामिल होना चाहिए।


भारत की जीडीपी वृद्धि

केंद्र सरकार और कांग्रेस पार्टी के बीच विवाद उस समय शुरू हुआ जब जीडीपी ग्रोथ के आंकड़े जारी किए गए। हालांकि पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण आर्थिक मंदी की चिंताएं थीं, फिर भी अप्रैल-जून तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था 7.8% की दर से बढ़ी। केंद्र सरकार ने इस पर अपनी नीतियों की प्रशंसा की, जबकि कांग्रेस ने इसे आंकड़ों का खेल करार दिया।