इंडिया गठबंधन की रैली की तैयारी
इंडिया गठबंधन ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी गतिविधियों को तेज करने का निर्णय लिया है। गठबंधन 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में 'दिल्ली चलो' रैली का आयोजन करेगा। इससे पूर्व, 30 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक 'जन महाभियोग' की प्रक्रिया की जाएगी। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि इस कार्यक्रम में ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की मांग को लेकर जनता का फैसला सुनाया जाएगा।
गठबंधन का आरोप है कि मतदाता सूची के SIR में गड़बड़ियां हुई हैं, जिस पर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की जा रही है।
कांग्रेस की तैयारियों का जायजा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गठबंधन में शामिल सभी दलों के प्रमुख नेताओं से संपर्क किया है और उन्हें दिल्ली में अपने कार्यकर्ताओं की अधिकतम उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। कांग्रेस ने 1 नवंबर की रैली में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई है।
रैली की तैयारियों को लेकर वेणुगोपाल ने इंदिरा भवन में पार्टी के विभिन्न विभागों और संगठनों के प्रमुखों के साथ बैठक की। इससे पहले, उन्होंने और प्रियंका गांधी वाड्रा ने कांग्रेस मुख्यालय में उत्तर प्रदेश और हरियाणा के नेताओं के साथ रणनीति पर चर्चा की थी। यह रैली 5 अक्टूबर को घोषित की गई थी।
बीजेपी का आरोप और प्रतिक्रिया
बीजेपी ने 'दिल्ली चलो' रैली की तारीख को लेकर कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा है कि इस रैली का आयोजन सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचा रहा है। बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी को 1 नवंबर को रैली आयोजित करने से बचना चाहिए। उल्लेखनीय है कि 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली और अन्य हिस्सों में सिख विरोधी दंगे भड़क उठे थे।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी इस विषय का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर सवाल उठाए। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने झारखंड में पार्टी की राज्य कार्यसमिति की बैठक में कांग्रेस पर राजनीतिक अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया।
कम्युनिस्ट पार्टी की प्रतिक्रिया
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद संतोष कुमार ने बीजेपी की आलोचना करते हुए कहा कि 1 नवंबर को रैली करने में कोई समस्या नहीं है। उनका कहना है कि यह कार्यक्रम केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त को एक स्पष्ट संदेश देगा कि ज्ञानेश कुमार को अपने पद पर नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी से 15 हजार से 20 हजार लोगों को रैली में भाग लेने का लक्ष्य रखा गया है। कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने भी कहा कि रैली की तारीख इंडिया गठबंधन के दलों से बातचीत के बाद तय की गई है और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष में कोई मतभेद नहीं है।





