स्रोतों से अनुमति की मांग
कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका ने सोमवार को संसद मार्ग थाने जाकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए अनुमति मांगी। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकर्ताओं को शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की इजाजत दी जानी चाहिए।
आशुतोष रांका ने स्पष्ट किया कि यदि दिल्ली पुलिस कोई तय तिथि प्रदान नहीं करती है, तो वे 24 घंटे के भीतर एक और आंदोलन का आह्वान करेंगे। इसके अलावा, कॉकरोच जनता पार्टी ने विपक्ष द्वारा इंडिया गेट से सुप्रीम कोर्ट तक किए जाने वाले मार्च का समर्थन करने का निर्णय लिया है।
सीजेआई से मिलने से इनकार
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बताया कि विपक्षी दलों के नेता सुप्रीम कोर्ट जाकर मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत को ज्ञापन सौंपने की योजना बना रहे हैं। इस संदर्भ में, मल्लिकार्जुन खरगे ने सीजेआई को पत्र भी भेजा था। हालांकि, सीजेआई ने विपक्षी नेताओं से मिलने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया है और कहा है कि वह किसी विशेष पक्ष से नहीं मिल सकते।
इससे पहले, कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा था, जिससे यह साफ होता है कि विपक्ष न्यायिक प्रणाली के माध्यम से अपनी बात रखना चाहता है।
मार्च का समय और उद्देश्य
कांग्रेस ने जानकारी दी है कि इंडिया गेट से मार्च दोपहर 1.30 बजे शुरू होगा। राहुल गांधी ने इससे पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पिछले पांच दिनों से उन्हें रोका जा रहा है, जबकि ऐसा एक लंबे समय से चल रहा है।
उन्होंने कहा, 'आपके 200 अधिकारी हमारे संपर्क में हैं और हमें निरंतर जानकारी दे रहे हैं। जब तक न्याय नहीं मिलेगा, हम पीछे नहीं हटेंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि संविधान की रक्षा के लिए हर नागरिक को उनके मार्च में शामिल होने का आमंत्रण दिया है।
संविधान की रक्षा की अपील
राहुल गांधी ने कहा, 'मैं हर विपक्षी पार्टी के नेता, कार्यकर्ता और युवाओं से अपील करता हूं कि यह आपके सम्मान की लड़ाई है। यदि आप सीधे नहीं आ सकते, तो जब हम सुप्रीम कोर्ट के सामने याचिका दाखिल करेंगे, तब आप हमारे साथ रहें।' उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई बंद कमरे में जाकर संविधान की रक्षा करने का संकल्प लेना चाहता है, तो उन्हें यह करना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार की प्रणाली ढह रही है और नागरिकों को एकजुट रहने की आवश्यकता है।





