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सुप्रीम कोर्ट को राजनीति से दूर रखने की अपील, CJI ने जताई चिंता

CJI सूर्यकांत ने न्यायपालिका के कार्य में हस्तक्षेप न होने की आवश्यकता पर जोर दिया।

सुप्रीम कोर्ट को राजनीति से दूर रखने की अपील, CJI ने जताई चिंता
फोटो: CJI Appeals to Keep Supreme Court Away from Politics, Expresses Concern

CJI का स्पष्ट संदेश

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ दिल्ली में चल रहे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बीच भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने 12 अक्टूबर 2026 को महत्वपूर्ण बयान दिया।


CJI की अगुवाई वाली एक तीन न्यायाधीशों की बेंच ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को किसी भी प्रकार की राजनीति में न खींचा जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक गतिविधियों और विरोध प्रदर्शनों के अधिकार को मान्यता दी जाती है, लेकिन इनसे सर्वोच्च अदालत की कार्यवाही, वकीलों, कर्मचारियों और याचिकाकर्ताओं की आवाजाही में बाधा नहीं आनी चाहिए।


वकीलों की समस्याओं पर चर्चा

CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच के समक्ष सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के अध्यक्ष प्रदीप राय और वरिष्ठ अधिवक्ता आत्माराम नाडकर्णी ने प्रदर्शन के दौरान वकीलों की हिरासत और आवाजाही में आ रही कठिनाइयों का मुद्दा उठाया।


CJI ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "ये सभी लोकतांत्रिक गतिविधियां होनी चाहिए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के कार्य में कोई व्यवधान नहीं आना चाहिए। मैंने प्रदर्शनकारियों से भी अपील की है... सुप्रीम कोर्ट को इस तरह की किसी भी चीज में नहीं घसीटा जाना चाहिए। शांतिपूर्ण प्रदर्शन करें, लेकिन न्यायपालिका के कार्य में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए।"


विपक्ष का मार्च और CJI की चिंता

CJI सूर्यकांत की यह टिप्पणी उस समय आई है जब विपक्षी नेता राहुल गांधी की अगुवाई में 'INDIA' ब्लॉक के प्रतिनिधिमंडल ने सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च की योजना बनाई है। इससे पहले, CJI ने राहुल गांधी के साथ बैठक का अनुरोध खारिज कर दिया था।


सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वकीलों को अपनी पेशेवर जिम्मेदारी निभाने का पूरा अधिकार है और उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन में भाग लेने का संवैधानिक अधिकार है, बशर्ते अदालत की कार्यवाही प्रभावित न हो। इस मामले में वकीलों की याचिकाओं पर सुनवाई मंगलवार 13 अक्टूबर को होगी।


नई जगहों पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति

सोमवार को दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों से जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए डी-नोटिफाई कर दिया है और इसके स्थान पर रामलीला मैदान, बुरारी ग्राउंड और सीबीडी ग्राउंड (पूर्वी दिल्ली) को नए स्थल के रूप में चिन्हित किया है।


एक दिन पहले, सुप्रीम कोर्ट की स्पेशल बेंच ने मेट्रो स्टेशनों की पूर्ण बंदी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया था। अदालत ने केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और DMRC को अवमानना नोटिस जारी करते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस दिया है।


विपक्ष के नेताओं का मार्च

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और INDIA ब्लॉक के अन्य सांसदों और नेताओं को ले जा रही एक बस कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया से बाराखंभा रोड के लिए रवाना हुई है।


गठबंधन ने आज सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की योजना बनाई है और यह घोषणा की है कि वे मुख्य आयुक्त ज्ञानेश कुमार मामले और SIR प्रक्रिया से संबंधित अपने आरोपों पर याचिका दायर करेंगे।