अन्य बुनियादी सुविधाएं:
- बिजली: 146 स्कूलों में अभी भी बिजली की सुविधा नहीं है।
- इंटरनेट: राज्य के लगभग 33% स्कूलों (7,591) में इंटरनेट की सुविधा नहीं है।
- कंप्यूटर: 97% (22,721) स्कूलों में कंप्यूटर की सुविधा है।
राष्ट्रीय औसत की तुलना में:
- केवल 53% स्कूलों में इंटरनेट है।
- 57% स्कूलों में कंप्यूटर उपलब्ध हैं।
शिक्षकों की स्थिति:
रिपोर्ट के अनुसार: 81 स्कूलों में 178 शिक्षक नियुक्त हैं, लेकिन छात्रों की संख्या शून्य है।
867 स्कूल एकल शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं।
हरियाणा का छात्र-शिक्षक अनुपात 22:1 है, जो राष्ट्रीय औसत 25:1 से थोड़ा बेहतर है। कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा ने रिपोर्ट पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकारी स्कूलों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा:
- "81 स्कूलों में छात्रों की अनुपस्थिति चिंताजनक है। माता-पिता अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेजने से हिचक क्यों रहे हैं?"
- "सरकार को बुनियादी सुविधाओं, विशेषकर लड़कियों के शौचालय, की कमी को प्राथमिकता के आधार पर दूर करना चाहिए।"
- "शिक्षकों की तैनाती उन स्कूलों में होनी चाहिए जहां उनकी सबसे अधिक जरूरत है।"
हरियाणा का राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन:
रिपोर्ट में जहां राज्य की कुछ कमजोरियां उजागर हुईं, वहीं हरियाणा का प्रदर्शन कई मामलों में राष्ट्रीय औसत से बेहतर रहा। हालांकि, कुमारी शैलजा ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की और सरकार को स्कूलों की बिगड़ती स्थिति की जिम्मेदारी लेने को कहा।





