विश्व के सबसे बड़े आयोजनों से भी आगे निकला महाकुंभ
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अक्सर ब्राजील के रियो कार्निवल या जर्मनी के अक्टूबर फेस्ट का उल्लेख होता है, लेकिन वहां आने वाली भीड़ की तुलना प्रयागराज महाकुंभ से नहीं की जा सकती। जहां रियो कार्निवल में लगभग 20 लाख और जर्मनी के अक्टूबर फेस्ट में करीब 70 लाख लोग जुटते हैं, वहीं अकेले प्रयागराज महाकुंभ में अब तक 50 करोड़ से अधिक श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं।
एक और दिलचस्प आंकड़ा यह है कि अमेरिका, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, नाइजीरिया, ब्राजील, बांग्लादेश, रूस और मेक्सिको जैसे बड़े देशों की कुल जनसंख्या से भी अधिक लोग इस बार महाकुंभ में पहुंच चुके हैं।
योगी सरकार की उम्मीद से ज्यादा जुटी भीड़
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ शुरू होने से पहले अनुमान लगाया था कि इस बार लगभग 45 करोड़ श्रद्धालु स्नान के लिए आ सकते हैं। लेकिन 33 दिनों में ही यह आंकड़ा 50 करोड़ के पार पहुंच गया, जो सरकार की उम्मीद से भी कहीं अधिक है। इस बार कुंभ में ऐतिहासिक भीड़ जुटने का कारण विशेष स्नान पर्वों पर उमड़ा जनसैलाब है। कुछ प्रमुख तिथियों पर श्रद्धालुओं की संख्या इस प्रकार रही:
पौष पूर्णिमा (13 जनवरी) – 1.70 करोड़ श्रद्धालु
मकर संक्रांति (15 जनवरी) – 3.30 करोड़ श्रद्धालु
मौनी अमावस्या (9 फरवरी) – 7.64 करोड़ श्रद्धालु। हालांकि, मौनी अमावस्या के दिन भीड़ नियंत्रण में चूक होने से भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई थी, जिससे 30 से अधिक श्रद्धालुओं की जान चली गई।
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