अजय राय का यह बयान हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के संदर्भ में आया है, जिसमें निर्दोष नागरिकों की जान गई थी। उन्होंने कहा, “जब रक्षा मंत्री राफेल की डिलीवरी लेने गए थे, तब उन्होंने उस पर नींबू-मिर्च लटकाई थी। अब वही राफेल एक हैंगर में खड़ा है, लेकिन सरकार आतंकवादियों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठा रही।”
राय ने दावा किया कि उनकी टिप्पणी का उद्देश्य देश की आंखें खोलना और सरकार पर दबाव बनाना था ताकि वह पहलगाम हमले के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। उन्होंने कहा, “हम पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के पक्ष में हैं। लेकिन जब तक सत्ता में बैठे लोग—चाहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हों, गृह मंत्री अमित शाह या रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह—मौन रहेंगे, तब तक लोग सवाल जरूर उठाएंगे।” उन्होंने पुलवामा हमले को भी याद करते हुए कहा कि आज तक उस हमले की विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई, न ही आरडीएक्स की बरामदगी पर कोई स्पष्ट जवाब मिला है।
हालांकि, अजय राय की टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “अजय राय अब पाकिस्तान की मीडिया की सुर्खियों में हैं। यह कोई संयोग नहीं, बल्कि कांग्रेस का सुनियोजित प्रयास है।” उन्होंने राय को राहुल गांधी का करीबी बताते हुए कांग्रेस पर भारतीय सेना के मनोबल को तोड़ने का आरोप लगाया।
भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने भी राय की आलोचना करते हुए लिखा, “कांग्रेस अब पाकिस्तानी कांग्रेस बन चुकी है। अजय राय जैसे नेता हमारे सैन्य बलों का मजाक उड़ा रहे हैं।”
इस बीच, राय ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की नागरिकता पर चल रही याचिका पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी इस देश की मिट्टी के बेटे हैं। उनके परिवार ने देश के लिए बलिदान दिया है, उन्हें किसी प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं।”





