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पहलगाम हमले पर रूस का कड़ा संदेश, पुतिन बोले- आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ हैं

प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन को विजय दिवस की 80वीं वर्षगांठ की शुभकामनाएं दीं और उन्हें इस वर्ष के अंत में भारत में प्रस्तावित वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग |

पहलगाम हमले पर रूस का कड़ा संदेश, पुतिन बोले- आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ हैं
फोटो: पहलगाम हमले पर रूस का कड़ा संदेश, पुतिन बोले- आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ हैं
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। इसी बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से टेलीफोन पर बातचीत कर इस हमले की कड़ी निंदा की और आतंकवाद के खिलाफ भारत को पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया। 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी कि राष्ट्रपति पुतिन ने फोन पर बातचीत के दौरान हमले में मारे गए निर्दोष लोगों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की। उन्होंने यह भी कहा कि इस जघन्य अपराध के दोषियों और उनके संरक्षकों को जल्द से जल्द न्याय के कठघरे में लाया जाना चाहिए। प्रवक्ता ने बताया कि दोनों नेताओं ने भारत-रूस के बीच ‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ को और अधिक सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन को विजय दिवस की 80वीं वर्षगांठ की शुभकामनाएं दीं और उन्हें इस वर्ष के अंत में भारत में प्रस्तावित वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने का निमंत्रण भी दिया।

 

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने इलाके में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया है, लेकिन अब तक किसी भी आतंकवादी को पकड़ा नहीं जा सका है। विशेषज्ञों के अनुसार, पहलगाम का भौगोलिक स्वरूप आतंकवादियों के लिए प्राकृतिक आवरण प्रदान करता है, जिससे वे आसानी से छिप सकते हैं। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, इस क्षेत्र के आसपास की पहाड़ियों की ऊंचाई 15,000 फीट से अधिक है और इनमें घने जंगल हैं, जो आतंकियों के लिए आदर्श छिपने की जगह बनाते हैं।


भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि हमला करने वाले आतंकी इन दुर्गम इलाकों में युद्ध की रणनीति और गोरिल्ला तकनीकों में प्रशिक्षित हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलावरों में से एक की पहचान हाशिम मूसा के रूप में हुई है, जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा एक पूर्व पाकिस्तानी पैरा कमांडो बताया जा रहा है। खुफिया एजेंसियों का कहना है कि यह हमला पूरी तरह योजनाबद्ध था। आतंकियों ने दो महीने पहले सांबा-कठुआ कॉरिडोर के जरिए भारतीय सीमा में घुसपैठ की थी और पहलगाम इलाके में अपनी मौजूदगी को छुपाकर हमला अंजाम दिया।