कैसे हुई पूरी घटना?
एफआईआर के अनुसार, क्राइम ब्रांच की टीम जामिया इलाके में वांटेड अपराधी शावेज़ को पकड़ने पहुंची थी। टीम ने शावेज़ को हिरासत में ले लिया था, लेकिन तभी अमानतुल्लाह खान अपने 20-25 समर्थकों के साथ वहां पहुंचे और पुलिस टीम पर हमला बोल दिया।
एफआईआर में यह भी दर्ज है कि अमानतुल्लाह खान ने पुलिसवालों से कहा—
"तुम्हारी यहां आने की हिम्मत कैसे हुई? मैं न पुलिस को मानता हूं, न कोर्ट को।"
इसके बाद विधायक और उनके समर्थकों ने पुलिस के साथ हाथापाई की, एक पुलिसकर्मी का आई-कार्ड छीन लिया और खुलेआम धमकी दी—
"यह इलाका हमारा है, यहां से निकल जाओ, वरना जिंदा बचकर नहीं निकल पाओगे।"
इतना ही नहीं, उन्होंने आगे चेतावनी दी—
"हमारी एक आवाज पर इतनी भीड़ इकट्ठी हो जाएगी कि तुम्हें पता भी नहीं चलेगा कि तुम कहां गायब हो गए। मैं तुम्हारी वर्दी उतरवा दूंगा। मेरे ऊपर एक और केस लगने से कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन तुम्हें खत्म करवा दूंगा और कोई गवाह भी नहीं मिलेगा।"
विधायक की मौजूदगी में फरार हुआ आरोपी
पुलिस के मुताबिक, अमानतुल्लाह खान और उनके समर्थकों द्वारा किए गए हमले के कारण ही वांटेड बदमाश शावेज़ मौके से भागने में सफल रहा। पुलिस ने विधायक के खिलाफ लोकसेवकों को उनके कर्तव्य निर्वहन से रोकने और पुलिस पर हमले के आरोप में मामला दर्ज किया है। गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न दिल्ली विधानसभा चुनाव में अमानतुल्लाह खान ने ओखला सीट से लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मनीष चौधरी को 23,639 वोटों के अंतर से हराया। इस चुनाव में खान को 88,392 वोट मिले, जबकि बीजेपी के चौधरी को 65,304 वोट मिले थे।
Read This Also:- मुंबई पुलिस ने रणवीर इलाहाबादिया और समय रैना से की पूछताछ, YouTube ने हटाया वीडियो
Read This Also:- मुंबई पुलिस ने रणवीर इलाहाबादिया और समय रैना से की पूछताछ, YouTube ने हटाया वीडियो





