केजरीवाल ने अपनी अपील में यह भी कहा कि यदि आम आदमी पार्टी का कोई उम्मीदवार भी पैसे, सामान या अन्य किसी चीज़ का वितरण करता है तो उसे भी वोट नहीं देना चाहिए। उन्होंने यह दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि चुनावी प्रक्रिया में ऐसे भ्रष्ट तरीकों से जीत हासिल नहीं की जा सकती, और जनता को केवल ऐसे नेताओं को समर्थन देना चाहिए जो सही तरीके से काम करें। उनका यह संदेश था कि यदि आप एक ईमानदार उम्मीदवार को पसंद करते हैं, तो उसकी मदद करें, लेकिन अगर कोई व्यक्ति रिश्वत, सामान या पैसों के बदले वोट मांगता है, तो उसे हराकर लोकतंत्र की सच्ची ताकत का एहसास कराएं।
भा.ज.पा. पर आरोप लगाते हुए केजरीवाल ने कहा, "भा.ज.पा. को लगता है कि वे पैसे, कंबल, चादर, साड़ी, और सोने की चेन बांटकर दिल्लीवालों के वोट खरीद लेंगे।
मेरी दिल्लीवासियों से एक अपील है – आप इनसे सब कुछ ले लें, लेकिन इनको वोट मत दें। इनका सारा पैसा बर्बाद कर दें।" उनका यह बयान पार्टी के चुनावी हथकंडों को लेकर गहरी आलोचना का हिस्सा था। उनका कहना था कि भाजपा ने चुनावी जीत के लिए अपने सभी हथियारों को झोंक दिया है, क्योंकि उसके पास दिल्ली की जनता के सामने पेश करने के लिए कोई ठोस दृष्टिकोण और योजनाएं नहीं हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा अपने प्रत्याशियों को वोट खरीदने के लिए जिस तरह से पैसों और सामान का वितरण कर रही है, वह पूरी तरह से अनुचित और लोकतंत्र के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने अपनी चुनावी तैयारियों के तहत जैकेट, जूते, साड़ियां, धन और यहां तक कि सोने की चेन तक बांटना शुरू कर दिया है।
इस आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने कहा, "मैंने सुना है कि दो कॉलोनियों में सोने की चेन बांटी जा रही है, जबकि भा.ज.पा. कह रही है कि वह लोगों के वोट खरीदने की कोशिश करेगी। लेकिन मैं दिल्ली के लोगों से अपील करता हूं कि चुनाव के दौरान यदि कोई उम्मीदवार आपको धन या सामान का प्रस्ताव दे, तो उसे किसी भी हाल में वोट ना दें।"
इसके अलावा, केजरीवाल ने यह भी कहा कि जैसे-जैसे चुनाव पास आ रहे हैं, यह और स्पष्ट होता जा रहा है कि आम आदमी पार्टी दिल्ली में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने जा रही है। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है और पार्टी की स्थिति मजबूत हो रही है। उनका कहना था कि दिल्ली की जनता ने साफ संदेश दे दिया है कि वह केवल ईमानदार नेताओं का साथ देगी और उन नेताओं को नकार देगी जो चुनावी फायदों के लिए अनुचित तरीके अपनाते हैं।
दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 5 फरवरी को होगा, और परिणाम 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे। यह चुनाव खासतौर पर इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि 2015 और 2020 में आम आदमी पार्टी ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए क्रमशः 67 और 62 सीटें जीती थीं, जबकि भारतीय जनता पार्टी को 2015 में तीन और 2020 में आठ सीटें मिली थीं। कांग्रेस पार्टी को पिछले दोनों चुनावों में कोई भी सीट नहीं मिली थी। अब, एक बार फिर दिल्ली की जनता को इस चुनाव में अपना मताधिकार उपयोग करने का मौका मिल रहा है, और इस बार केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी उम्मीद कर रही है कि वे पिछली बार से भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे।





