महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करने वाले एक प्रमुख संगठन 'वी द वुमन ऑफ इंडिया' ने इस फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया और इसे बेहद आपत्तिजनक बताते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। संगठन ने इस निर्णय को महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा के खिलाफ माना और इसे चुनौती देने के लिए याचिका दायर की। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वत: संज्ञान लिया और इसकी सुनवाई शुरू की। सोमवार को जस्टिस बीआर गवाई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की दो सदस्यीय पीठ ने इस मुद्दे पर विचार करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस विवादित आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी, जिससे इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रखी जा सके।
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