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मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने 1 अप्रैल तक सुनवाई को टाला

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस आदेश पर अपनी रोक बढ़ा दी, जिसमें मथुरा में शाही ईदगाह मस्जिद परिसर के अदालत की निगरानी में सर्वेक्षण की |

मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने 1 अप्रैल तक सुनवाई को टाला
फोटो: Shri Krishna Janmabhoom, Supreme Court
सुप्रीम कोर्ट ने मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई को टाल दिया है। अगली सुनवाई 1 अप्रैल से शुरू होगी, और अगले आदेश तक कृष्ण जन्मभूमि परिसर में सर्वेक्षण पर रोक जारी रहेगी। गौरतलब है कि इस मामले में मुस्लिम पक्ष ने कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दायर की हैं। इनमें विवादित जगह पर सर्वेक्षण की अनुमति देने के आदेश, निचली अदालत में लंबित सभी मुकदमों को हाई कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग करने वाली याचिकाएं शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?


सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस आदेश पर अपनी रोक बढ़ा दी, जिसमें मथुरा में शाही ईदगाह मस्जिद परिसर के अदालत की निगरानी में सर्वेक्षण की अनुमति दी गई थी। यह परिसर कृष्ण जन्मभूमि मंदिर के निकट स्थित है, जो हिंदुओं के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार व न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि वह मस्जिद परिसर के अदालत की निगरानी में सर्वेक्षण के खिलाफ 'ट्रस्ट शाही मस्जिद ईदगाह प्रबंधन समिति' की याचिका पर सुनवाई अप्रैल से शुरू होने वाले सप्ताह के लिए टालते हैं।

इस बीच, इलाहाबाद हाई कोर्ट का वह अंतरिम आदेश जारी रहेगा, जिसमें शाही ईदगाह मस्जिद परिसर के अदालत की निगरानी में सर्वेक्षण पर रोक लगाई गई थी। शीर्ष अदालत ने पिछले साल 16 जनवरी को हाई कोर्ट के 14 दिसंबर 2023 के आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाई थी। हाई कोर्ट ने शाही ईदगाह मस्जिद परिसर के अदालत की निगरानी में सर्वेक्षण की अनुमति दी थी और इसकी देखरेख के लिए एक अदालत आयुक्त की नियुक्ति की थी।

हिंदू पक्ष का दावा


हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि मस्जिद समिति की अपील हाई कोर्ट के 14 दिसंबर, 2023 के आदेश के खिलाफ दायर की गई थी, और इन आदेशों की वैधता अब समाप्त हो चुकी है। हिंदू पक्ष का दावा है कि परिसर में ऐसे संकेत हैं जो बताते हैं कि इस स्थान पर कभी मंदिर हुआ करता था। यह मामला हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों के बीच एक अहम विवाद है, और सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से इस विवाद पर अंतिम निर्णय की उम्मीद जताई जा रही है।

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