कौन है जिम्मेदार? अब तक नहीं चला पता
सबसे बड़ी बात यह है कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि विधानसभा के मुख्य द्वार पर किसने पान मसाला थूका था। हालांकि, इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना स्वयं सफाई करवाते नजर आ रहे हैं। इस दौरान वे कहते हुए सुने गए कि वे किसी को शर्मिंदा नहीं करना चाहते, लेकिन यह कृत्य अस्वीकार्य है। उन्होंने अन्य विधायकों और कर्मचारियों से भी अपील की कि यदि वे किसी को ऐसा करते देखें तो तुरंत रोकें और इस तरह की गंदगी फैलाने से बचें।
वंदे मातरम को लेकर क्यों छिड़ा विवाद?
विधानसभा में इस बार पान मसाले की घटना के अलावा एक अन्य विवाद भी देखने को मिला। कुछ विधायकों द्वारा वंदे मातरम के दौरान खड़े न होने पर बहस छिड़ गई है। इस मुद्दे पर भी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि "जो वंदे मातरम का सम्मान नहीं कर सकता, वह देश के संविधान का भी सम्मान नहीं करता"। उन्होंने सदन के सभी विधायकों को उनकी शपथ याद दिलाते हुए भविष्य में वंदे मातरम का पूरा सम्मान करने की अपील की।
यूपी विधानसभा परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए इस तरह के कड़े फैसले जरूरी माने जा रहे हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या इस नियम को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है या यह सिर्फ एक घोषणा बनकर रह जाता है। लेकिन इतना तो तय है कि अब विधानसभा में पान मसाला खाने और थूकने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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