वहीं, सपा नेता शिवपाल यादव ने इसे 'बड़े घोटाले की पटकथा' बताते हुए कहा, "अगर यही विकास है, तो जनता को अंधकार से कोई शिकायत नहीं होनी चाहिए। इस बजट में सिर्फ लफ्फाजी है, आम जनता के लिए कुछ भी नहीं। मैं इसे पूरी तरह से खारिज करता हूं। सरकार को चाहिए कि अगली बार जुमलों की किताब की बजाय जनता की जरूरतों के अनुसार बजट तैयार करे। हम 2027 में जनता के हित में एक बेहतर बजट लाएंगे।"
कांग्रेस विधान मंडल की नेता आराधना मिश्रा 'मोना' ने भी इस बजट को 'खोखला बजट' करार दिया। उन्होंने कहा, "इस बजट में कुछ भी नया नहीं है। सरकार ने कोई लोक-कल्याणकारी योजना पेश नहीं की है।"
सरकार ने किया पलटवार
विपक्ष के आरोपों पर यूपी सरकार के मंत्री नितिन अग्रवाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "विपक्ष को केवल राजनीति करनी है। अगर बजट में अयोध्या, काशी और कुंभ के लिए अच्छे प्रावधान किए जाते हैं, तो इससे भी उन्हें परेशानी होती है। उन्हें हर चीज़ में नकारात्मकता ही दिखती है।"
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बजट की सराहना करते हुए कहा, "उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पेश किया गया बजट (वित्तीय वर्ष 2025-26) प्रदेश के 25 करोड़ लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं को साकार करेगा। यह सर्वस्पर्शी, सर्वसमावेशी और विकासोन्मुख है।
इसमें युवाओं, महिलाओं, किसानों, गरीबों और वंचितों का विशेष ध्यान रखा गया है। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में यह बजट उत्तर प्रदेश को वैश्विक मंच पर नंबर एक बनाने में सहायक सिद्ध होगा। यह रामराज्य की अवधारणा को साकार करने वाला बजट है, इसके लिए मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री को बधाई।"
Read This Also:- लोगों का ध्यान महंगाई और बेरोज़गारी पर न जाए, इसलिए लोगों का ध्यान भटका रही योगी सरकार- राहुल गाँधी
Read This Also:- लोगों का ध्यान महंगाई और बेरोज़गारी पर न जाए, इसलिए लोगों का ध्यान भटका रही योगी सरकार- राहुल गाँधी





