नागपुर हिंसा को लेकर शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत का बयान सामने आया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, "नागपुर में हिंसा होने का कोई कारण नहीं था। यह वही शहर है जहां आरएसएस का मुख्यालय है और यह सीएम देवेंद्र फडणवीस का निर्वाचन क्षेत्र भी है। वहां हिंसा फैलाने की हिम्मत आखिर कौन कर सकता है? हिंदुओं को डराने, अपने ही लोगों से उन पर हमला करवाने और फिर उन्हें भड़काकर दंगे में शामिल करने का यह एक नया पैटर्न है।"
इस सांप्रदायिक तनाव के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत कई नेताओं ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की। वहीं, नागपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है और हिंसा में शामिल अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। पुलिस कमिश्नर डॉ. रविंदर सिंघल ने बताया कि शहर में स्थिति अब नियंत्रण में है और सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ शांति बहाल करने के प्रयास जारी हैं।
नागपुर के पुलिस कमिश्नर डॉ. रविंदर सिंघल ने बताया कि फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन पुलिस सतर्क बनी हुई है। उन्होंने कहा,
"अब तक 50 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। जिन लोगों ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है, उनकी पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस हिंसा में 33 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, लेकिन हमारे जवानों ने बेहतरीन काम किया है। हमने कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया है ताकि स्थिति पूरी तरह शांत हो सके।"
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