पहलगाम आतंकी हमला और उसके बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बीच देश भर की जांच एजेंसियां पूरी सतर्कता से गद्दारों और पाकिस्तान के साथ संपर्क रखने वाले संदिग्धों की पहचान कर रही हैं। इसी क्रम में राजस्थान के जैसलमेर से एक सरकारी कर्मचारी को हिरासत में लिया गया है, जिस पर पाकिस्तान को खुफिया जानकारी भेजने का आरोप है।
शकूर खान नाम के इस सरकारी कर्मचारी पर जैसलमेर जिले के रोजगार कार्यालय में क्लर्क होने के बावजूद बिना अनुमति पाकिस्तान की यात्रा करने का भी संदेह है।
पुलिस ने 28 मई की शाम उसे गिरफ्तार किया है। विभागीय नियमों के अनुसार, सरकारी कर्मचारी को विदेश यात्रा के लिए संबंधित विभाग से अनुमति लेनी अनिवार्य होती है, लेकिन शकूर खान ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की।
जांच में यह भी सामने आया है कि शकूर खान की गतिविधियां पिछले कुछ समय से संदिग्ध थीं।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की ओर से जैसलमेर में दागे गए मिसाइल हमले को भारतीय एयर डिफेंस ने विफल किया था। इस हमले में मिसाइल के कुछ टुकड़े शकूर खान के घर के आसपास भी गिरे थे, जबकि मुख्य हिस्सा पास के खेत में था, जिसे सेना ने बाद में सुरक्षित कर दिया।
सुरक्षा एजेंसियां शकूर खान के पाकिस्तानी कनेक्शन को लेकर बड़े खुलासे की उम्मीद कर रही हैं। पूछताछ पूरी होने के बाद पुलिस इस मामले में अहम जानकारी सार्वजनिक कर सकती है।
शकूर खान की गिरफ्तारी के बाद बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "राजस्थान में कांग्रेस के पूर्व मंत्री सालेह मोहम्मद के निजी सहायक शकूर खान पर ISI के लिए जासूसी करने के पुख्ता सबूत मिले हैं। वह संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ साझा करता था और कई बार सरकार को बिना सूचना दिए पाकिस्तान की यात्रा कर चुका है। कांग्रेस के खून में ही पाकिस्तान-परस्ती है।"





