राहुल गांधी ने यह भी बताया कि 2019 और 2024 के बीच 32 लाख नए मतदाता जुड़े, और 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में 39 लाख नए मतदाता जुड़ने की बात सामने आई। उनका कहना था कि "महाराष्ट्र के मतदाता अब महाराष्ट्र की वयस्क आबादी से भी ज्यादा हो गए हैं।" उन्होंने यह सवाल उठाया कि इन अतिरिक्त मतदाताओं का आना कितना सही और स्वाभाविक है। "हम केवल महाराष्ट्र की लोकसभा और विधानसभा वोटर लिस्ट की मांग कर रहे हैं, ताकि यह पता चल सके कि ये अतिरिक्त मतदाता कहां से आए हैं और उनकी सटीक जानकारी क्या है।"
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और चुनाव आयुक्त के चयन की प्रक्रिया पर अपनी चिंता जताई। उन्होंने कहा, "महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट में जो गड़बड़ियां सामने आई हैं, वे गंभीर अनियमितताओं को दर्शाती हैं।
इन अनियमितताओं को देखते हुए यह साफ तौर पर दिखाई देता है कि भाजपा की जीत का अंतर वोटर लिस्ट में जोड़े गए मतदाताओं के अंतर के बराबर है।"
उनका यह बयान चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की आवश्यकता को उजागर करता है। यह सवाल उठाता है कि क्या चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों द्वारा इन विसंगतियों को ठीक से संबोधित किया जा रहा है या नहीं। राहुल गांधी ने इस पूरे मुद्दे को गंभीरता से लिया और चुनावी प्रक्रिया में सुधार की जरूरत पर जोर दिया।
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