अमृतपाल सिंह को 2023 में अमृतसर के निकट अजनाला थाने पर हमले के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें असम की डिब्रूगढ़ जेल में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां वह अब तक बंद हैं। बावजूद इसके, उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में खडूर साहिब से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा और भारी अंतर से जीत दर्ज की। अमृतपाल को 38% से अधिक वोट प्राप्त हुए — कुल 4,04,430 मतदाताओं ने उनका समर्थन किया, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी कुलबीर सिंह को 2,07,310 और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार को 1,94,836 वोट ही मिल सके।
फरीदकोट से सांसद सरबजीत सिंह खालसा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अगले डेढ़ साल तक अमृतपाल सिंह के प्रचार में जुटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पार्टी पंजाब में बदलाव के लिए अमृतपाल को CM पद का चेहरा बनाएगी। अमृतपाल के करीबी माने जाने वाले पपलप्रीत सिंह को हाल ही में पंजाब पुलिस ने अजनाला कोर्ट में पेश किया, जिसके बाद उसे चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया। पपलप्रीत को अप्रैल 2023 में NSA के तहत गिरफ्तार किया गया था और वह तब से डिब्रूगढ़ जेल में बंद था। उसे अमृतपाल का रणनीतिक सलाहकार माना जाता है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, अमृतपाल सिंह पंजाब के मालवा क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। इस क्षेत्र में लगभग 70 सीटें आती हैं, और राज्य की सत्ता की दिशा तय करने में यह क्षेत्र निर्णायक भूमिका निभाता है। पार्टी की रणनीति है कि अमृतपाल को इस क्षेत्र की किसी महत्वपूर्ण सीट से उतारकर व्यापक प्रभाव डाला जाए।





