निशांत कुमार ने विश्वास जताया कि एनडीए इस बार 225 से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल करेगा और भारी बहुमत से सरकार बनाएगा। उनका मानना है कि बिहार की जनता नीतीश कुमार के कामकाज और विकास योजनाओं से संतुष्ट है, और यही वजह है कि वे एक बार फिर उन्हें सरकार की बागडोर सौंपेंगे। हालांकि, जब उनसे खुद के राजनीति में आने के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और विषय को टाल दिया।
नीतीश कुमार की सेहत को लेकर उठ रहे सवालों पर भी निशांत कुमार ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार पूरी तरह से स्वस्थ हैं और अपनी जिम्मेदारियों को सक्रिय रूप से निभा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सेहत को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों का कोई आधार नहीं है।
इस बीच, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के एक बयान को लेकर हलचल मच गई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि बिहार में चुनाव सम्राट चौधरी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। इस बयान के बाद बिहार बीजेपी को स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल दोनों ने बयान दिया कि आगामी चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा और एनडीए सरकार का नेतृत्व वही करेंगे।
इस घटनाक्रम से यह बात स्पष्ट हो गई है कि नीतीश कुमार को एनडीए के भीतर एक मजबूत और स्वीकार्य नेता के रूप में देखा जाता है, और उनके नेतृत्व में ही बिहार में आगामी चुनाव की रणनीति तय की जा रही है। एनडीए अब विकास और स्थिरता के एजेंडे के साथ चुनावी तैयारी में जुट गया है।





