बिछड़े श्रद्धालुओं को मिलाने के लिए त्वरित प्रयास हों
अखिलेश यादव ने प्रशासन से अनुरोध किया कि जो श्रद्धालु भीड़ में बिछड़ गए हैं, उन्हें जल्द से जल्द उनके परिवारों से मिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि हेलीकॉप्टर का उपयोग कर निगरानी बढ़ाई जाए ताकि आगे ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि सतयुग से चली आ रही शाही स्नान की अखंड-अमृत परंपरा को सुरक्षित प्रबंधन के साथ संपन्न कराया जाए।
खरगे का सरकार पर निशाना, अव्यवस्था को बताया जिम्मेदार
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने महाकुंभ के दौरान संगम तट पर हुई भगदड़ को हृदयविदारक बताते हुए प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा,
"श्रद्धालुओं की जान गई और कई लोग घायल हुए, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। श्रद्धालुओं के परिजनों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं हैं और हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।"
"हजारों करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद ऐसी अव्यवस्था होना निंदनीय है।"
खरगे ने कहा कि सरकार को अब चेत जाना चाहिए और आने वाले शाही स्नानों के लिए व्यवस्थाओं में सुधार करना चाहिए। उन्होंने प्रशासन की अव्यवस्था, वीआईपी मूवमेंट, बदइंतजामी और अधिक प्रचार पर ध्यान देने को हादसे का कारण बताया।
मायावती ने जताया शोक, श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी हादसे पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा,
"प्रयागराज की संगम स्थली पर महाकुंभ में भगदड़ की घटना अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। कुदरत उन्हें इस दुःख को सहन करने की शक्ति दे।"
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