ट्रंप ने सोमवार को अपने प्रस्ताव को फिर से दोहराया। 5 नवंबर को अपनी चुनावी जीत के बाद, ट्रंप ने 'मार-ए-लागो' में जस्टिन ट्रूडो से मुलाकात की थी, और तभी से वह कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने के बारे में विचार व्यक्त कर रहे थे। इसके बाद से, ट्रंप कई बार इस विषय पर सोशल मीडिया पर भी टिप्पणी कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि कनाडा में बहुत से लोग इस विचार के समर्थक हैं कि उनका देश अमेरिका का 51वां राज्य बने। ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, "अमेरिका अब वह भारी व्यापार घाटा और सब्सिडी वहन नहीं कर सकता जो कनाडा को अपने अस्तित्व को बचाए रखने के लिए चाहिए। जस्टिन ट्रूडो को यह समझ में आ गया और इसलिए उन्होंने इस्तीफा दे दिया।"
ट्रंप ने अपने प्रस्ताव के समर्थन में कहा कि अगर कनाडा अमेरिका का हिस्सा बनता है, तो न सिर्फ करों में बड़ी कमी आएगी, बल्कि कनाडा को रूसी और चीनी जहाजों के खतरों से भी पूरी सुरक्षा मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि एकजुट होकर, यह दोनों देशों के लिए एक शानदार अवसर होगा और यह एक बहुत मजबूत और प्रभावशाली राष्ट्र बनेगा। ट्रंप ने कनाडा को अमेरिका का हिस्सा बनाने के लाभों को बताते हुए इसे एक जीत की स्थिति के रूप में पेश किया।
इसके अलावा, ट्रंप ने कनाडा पर एक चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि अगर कनाडा अपनी दक्षिणी सीमा से मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध प्रवासियों की घुसपैठ को नहीं रोकता है, तो अमेरिका कनाडाई आयात पर 25 प्रतिशत शुल्क लगा सकता है। ट्रंप का यह बयान यह संकेत करता है कि वह कनाडा से कड़े कदम उठाने की उम्मीद करते हैं और व्यापारिक रिश्तों को लेकर कोई समझौता करने को तैयार नहीं हैं।
इस मामले ने कनाडा और अमेरिका के बीच की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को और जटिल बना दिया है, खासकर तब जब ट्रूडो ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह से नकारा किया है। ट्रंप के इस तरह के प्रस्ताव और टिप्पणियों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित किया है और यह दोनों देशों के रिश्तों पर असर डाल सकता है।
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