ओवैसी ने कहा, “अगर पाकिस्तान की चौकियाँ खाली हो गई हैं, तो हमें वहां 'घर में घुसकर बैठ जाना चाहिए'। सिर्फ 'घर में घुसकर मारेंगे' की बात अब काफी नहीं है।” उन्होंने यह बयान मीडिया से बातचीत में दिया और सरकार को आतंकवाद के खिलाफ और आक्रामक रणनीति अपनाने की सलाह दी।
गौरतलब है कि पहलगाम हमले के बाद बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में भी ओवैसी ने मोदी सरकार का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि भारत को उस देश के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए जो आतंकियों को शरण देता है।
ओवैसी ने संसद के पीओके पर पारित प्रस्ताव का जिक्र करते हुए कहा, “पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) हमारा हिस्सा है और यह भारत की संसद का भी संकल्प है।” उन्होंने पठानकोट, उरी, पुलवामा और रियासी जैसे हमलों की भी याद दिलाई और कहा कि अब आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई जरूरी है।
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी आतंकियों को कड़ी चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा, “यह लड़ाई का अंत नहीं, एक पड़ाव है। हर व्यक्ति को चुन-चुन कर जवाब दिया जाएगा। नरेंद्र मोदी सरकार किसी को बख्शने वाली नहीं है।”
शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि देश की एक-एक इंच भूमि से आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने का संकल्प किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत अकेला नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया आतंक के खिलाफ इस लड़ाई में भारत के साथ खड़ी है।





