जयराम रमेश ने इतिहास के उदाहरणों के जरिए भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा, "जिन्ना को क्लीन चिट लालकृष्ण आडवाणी ने दी, उनकी तारीफ जसवंत सिंह ने की। लाहौर बस यात्रा अटल बिहारी वाजपेयी ने शुरू की थी। नवाज़ शरीफ के साथ नाश्ता करने खुद नरेंद्र मोदी गए थे, आम और शॉल भी उन्होंने ही भेजे थे।"
उन्होंने केंद्र सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि "हम डोजियर तैयार कर रहे हैं, लेकिन आतंकवादी अभी भी खुले घूम रहे हैं। उन्हें पकड़िए, गिरफ्तार कीजिए।" रमेश ने यह भी याद दिलाया कि "26/11 हमले के बाद सभी आतंकवादियों को या तो मारा गया या गिरफ्तार किया गया, जिससे भारत की वैश्विक स्थिति मजबूत हुई थी।"
जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर बनाए गए सात अंतरराष्ट्रीय डेलिगेशन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "यह केवल ध्यान भटकाने की कोशिश है, एक पीआर स्टंट है। आतंकवादी खुले घूम रहे हैं और सरकार डेलिगेशन भेज रही है।"
उन्होंने पूछा कि केंद्र सरकार पहलगाम हमले पर संसद का विशेष सत्र क्यों नहीं बुला रही है? रमेश ने बताया कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग को लेकर पहले ही प्रधानमंत्री को पत्र लिख चुके हैं।
गौरतलब है कि भारत सरकार ने आतंकवाद पर पाकिस्तान की भूमिका को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उजागर करने के लिए सात डेलिगेशन बनाए हैं, जिनमें कुल 59 सदस्य हैं। इनका नेतृत्व शशि थरूर, रविशंकर प्रसाद, संजय कुमार झा, बैजयंत पांडा, कनिमोझी करुणानिधि, सुप्रिया सुले और श्रीकांत शिंदे कर रहे हैं।





