कैसे शुरू हुई हिंसा?
संभाजी नगर में औरंगजेब की कब्र को लेकर विवाद चल रहा था। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने इसे ध्वस्त करने की मांग की थी और नागपुर में विरोध प्रदर्शन किया था। कुछ ही घंटों बाद महाल इलाके में दो गुटों के बीच झड़प हो गई, जिसने हिंसक रूप ले लिया। नागपुर पुलिस का कहना है कि अफवाहों की वजह से झड़प हुई। नागपुर के डीसीपी (ट्रैफिक) अर्चित चांडक ने बताया कि हिंसा गलतफहमी की वजह से भड़की, लेकिन अब स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है और अपराधियों की पहचान की जा रही है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। नागपुर के पुलिस आयुक्त डॉ. रविंदर सिंघल ने कहा कि शहर में स्थिति अब शांतिपूर्ण है। पुलिस ने दंगाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हिंसा के बाद नागपुर के कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 लागू कर दी गई है, जिसके तहत कर्फ्यू के दौरान किसी को भी बिना वजह घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं है।
घर के अंदर भी पांच से ज्यादा लोग इकट्ठा नहीं हो सकते।
मेडिकल इमरजेंसी और आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को छूट दी गई है।
नागपुर पुलिस ने कोतवाली, गणेशपेठ, तहसील, लकड़गंज, पचपाओली, शांतिनगर, शक्करदारा, नंदनवन, इमामवाड़ा, यशोधरानगर और कपिलनगर में कर्फ्यू लागू किया है। नागपुर पुलिस आयुक्त डॉ. रविंदर सिंघल ने कहा कि पुलिस उपद्रवियों की पहचान कर रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।





