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मायावती ने 72 घंटे में बदला फैसला, आनंद कुमार की जगह रणधीर बेनीवाल को नियुक्त किया नेशनल कोऑर्डिनेटर

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती इन दिनों लगातार सक्रिय स्थिति में हैं, और उनके ताजे फैसले पार्टी में हलचल पैदा कर रहे हैं।

मायावती ने 72 घंटे में बदला फैसला, आनंद कुमार की जगह रणधीर बेनीवाल को नियुक्त किया नेशनल कोऑर्डिनेटर
फोटो: Anand Kumar.Mayawati
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती इन दिनों लगातार सक्रिय स्थिति में हैं, और उनके ताजे फैसले पार्टी में हलचल पैदा कर रहे हैं। इस बार यह हलचल उनके भाई आनंद कुमार को लेकर आई है, जो लंबे समय से बसपा से जुड़े हुए थे। कुछ दिन पहले, मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को हटाकर आनंद कुमार को नेशनल कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया था। लेकिन बुधवार को एक नई जानकारी सामने आई, जब मायावती ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए बताया कि आनंद कुमार ने पार्टी और आंदोलन के हित में एक पद पर रहकर काम करने की इच्छा जाहिर की है, जिसे उन्होंने पूरी तरह से समर्थन दिया। इसके बाद, मायावती ने ऐलान किया कि आनंद कुमार को बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर बनाए रखा जाएगा, और रणधीर बेनीवाल को नेशनल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी सौपी जाएगी। 

रणधीर बेनीवाल कौन हैं?


रणधीर बेनीवाल, जो उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के निवासी हैं, जाट समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। वह पार्टी के पुराने और सक्रिय सदस्य हैं, जो अपने समर्पण और निष्ठा के लिए जाने जाते हैं। वह हमेशा से बसपा के मूवमेंट के प्रति अपने समर्पण और सक्रियता के कारण पहचाने जाते हैं। जाट बहुल इलाकों में उनकी सक्रियता खासतौर पर उल्लेखनीय रही है, जहां वह पार्टी को मजबूती देने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। उन्हें जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेता के तौर पर भी जाना जाता है, और उनकी छवि पार्टी के लिए एक मजबूत और विश्वसनीय नेता की रही है।

मायावती ने 72 घंटे में बदला अपना फैसला


यह मामला उस समय का है जब मायावती ने महज 72 घंटे के भीतर अपना फैसला बदल दिया। रविवार को मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार को भतीजे आकाश आनंद की जगह नेशनल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी दी थी, और उन्होंने यह भी कहा था कि आनंद कुमार पार्टी के लिए बेहतर काम करेंगे। लेकिन महज तीन दिन बाद मायावती ने इस फैसले को बदलते हुए आनंद कुमार की इच्छा का हवाला देते हुए यह निर्णय लिया कि वह अब एक पद पर काम करेंगे। इस फैसले के बाद, रणधीर बेनीवाल को पार्टी के नेशनल कोऑर्डिनेटर के रूप में नियुक्त किया गया, और आनंद कुमार को बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर ही बनाए रखने का ऐलान किया गया। 

मायावती ने इस बदलाव के बारे में सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, "काफी लंबे समय से निस्वार्थ सेवा और समर्पण के साथ कार्यरत बीएसपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री आनंद कुमार, जिन्हें हाल ही में नेशनल कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया था, ने पार्टी और आंदोलन के हित में एक पद पर रहकर कार्य करने की इच्छा व्यक्त की है, जिसे मैं पूरी तरह से स्वागत करती हूं।" मायावती ने आगे कहा, "अब श्री आनंद कुमार पहले की तरह बीएसपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद पर रहकर मेरे दिशा-निर्देशन में अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे। और उनकी जगह यूपी के सहारनपुर जिले के रणधीर बेनीवाल को नेशनल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी दी गई है।" उन्होंने अंत में यह भी कहा, "अब श्री रामजी गौतम, राज्यसभा सांसद, और श्री रणधीर बेनीवाल, दोनों बीएसपी के नेशनल कोऑर्डिनेटर के रूप में सीधे मेरे दिशा-निर्देशन में देशभर के विभिन्न राज्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे। पार्टी को पूरी उम्मीद है कि ये लोग पूरी ईमानदारी, निष्ठा, और मेहनत के साथ पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए काम करेंगे।"

 मायावती के फैसलों में यह बदलाव उनके राजनीतिक दृष्टिकोण को दर्शाता है, जो समय के साथ बदलते रहते हैं। जहां एक ओर उन्होंने अपने भाई आनंद कुमार को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी थी, वहीं दूसरी ओर उन्होंने उनकी इच्छा के अनुसार उसे बदलकर पार्टी के भविष्य के लिए एक और मजबूत नेता रणधीर बेनीवाल को जिम्मेदारी सौंप दी। यह मायावती के नेतृत्व में बसपा की आंतरिक राजनीति का नया चेहरा है, जो बदलाव और समर्पण की दिशा में आगे बढ़ रही है। इस बदलाव से यह भी संकेत मिलता है कि मायावती ने पार्टी में संतुलन बनाए रखने के लिए जिम्मेदारियों का पुनर्निर्धारण किया है और आने वाले समय में पार्टी की रणनीति को नए सिरे से तैयार किया है। रणधीर बेनीवाल के नेतृत्व में पार्टी को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

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