भाजपा सरकार ने बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, और गरीबी व बेरोजगारी जैसी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। मायावती ने यह भी कहा कि भाजपा की सरकार गरीबों को राहत देने के बजाय केवल अमीरों को और अमीर बनाने में लगी हुई है, जबकि दलितों, पिछड़ों और अन्य कमजोर वर्गों के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने देश की बड़ी पूंजीपतियों के हितों को ध्यान में रखते हुए नीतियां बनाई हैं, और ग्रामीण इलाकों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा है। यह स्थिति किसी से छिपी नहीं है, और इससे स्पष्ट होता है कि सरकार का ध्यान सिर्फ बड़े कारोबारियों को लाभ पहुंचाने पर है, न कि आम जनता की वास्तविक समस्याओं पर। बसपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा बाबा साहेब आंबेडकर के सिद्धांतों पर चलने का प्रयास करती है और दलितों के उत्थान के लिए काम करती है।
मायावती ने यह भी कहा कि सपा और कांग्रेस की तरह भाजपा सरकार ने भी बाबा साहब समग्र योजना और अन्य योजनाओं को निष्क्रिय बना दिया है, जिसके कारण ग्रामीण गरीब परिवारों का विकास प्रभावित हुआ है। बसपा के शासनकाल में इन योजनाओं के माध्यम से गरीबों के जीवन में सुधार लाया गया था और उनकी स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव आया था। लेकिन अब भाजपा सरकार ने इन योजनाओं को पूरी तरह से निष्क्रिय कर दिया है, और इसके परिणामस्वरूप ग्रामीण परिवारों का विकास ठप हो गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें अपने बजट में बड़े-बड़े दावे करती हैं, लेकिन इन दावों का 50% भी वास्तविकता में लागू नहीं होता। मायावती ने आरोप लगाया कि सरकार अपने स्वार्थ के लिए कानून और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है, और खासकर यूपी में धर्म विशेष के लोगों को टारगेट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दलितों, पिछड़ों और गरीबों के खिलाफ लगातार अन्याय हो रहा है, और इन वर्गों के लिए सरकार द्वारा रखे गए बजट का सही तरीके से उपयोग नहीं हो रहा।
यह बजट उनके विकास के लिए रखा जाता है, लेकिन अंत में वह पैसा दूसरे मदों में खर्च कर दिया जाता है।
मायावती ने कहा कि यह मुद्दा उन्होंने संसद में भी उठाया था, लेकिन सरकार ने कभी इस पर ध्यान नहीं दिया। उनका यह आरोप था कि सरकार का असली उद्देश्य गरीबों और पिछड़ों के कल्याण के बजाय केवल कुछ खास लोगों के फायदे के लिए काम करना है। उन्होंने अपनी पार्टी की प्रतिबद्धता को दोहराया कि बसपा बाबा साहेब आंबेडकर के सिद्धांतों के अनुसार दलितों और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए काम करती रहेगी।
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