वडेट्टीवार ने कहा कि महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी गठबंधन यदि दो दिन में सीटों के बंटवारे पर सहमति बना लेती, तो स्थिति अलग होती। इस देरी की वजह से न तो सही प्लानिंग हो पाई और न ही कोई रणनीति बनाई जा सकी। तीनों पार्टियों का संयुक्त कार्यक्रम भी समय पर नहीं आ सका। उन्होंने कहा कि यह हार केवल एक वजह से नहीं हुई, बल्कि अनेक कारणों के चलते यह परिणाम सामने आया है, जिसमें सबसे अहम वजह थी सीट शेयरिंग प्रक्रिया में हुई देरी।
वहीं, शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने भी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन के लिए लोकसभा चुनाव के बाद अब तक कोई बैठक नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अब गठबंधन की स्थिति काफी कमजोर हो चुकी है और इसको लेकर लोगों के मन में संशय है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की ओर से संवाद और चर्चा की कमी के चलते गठबंधन कमजोर हुआ है। राउत ने कहा कि यदि कांग्रेस पार्टी यही मानकर चल रही है कि गठबंधन सिर्फ लोकसभा चुनाव तक की जरूरत थी, तो उन्हें इसे स्पष्ट कर देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर इंडिया गठबंधन टूटता है, तो फिर दोबारा गठबंधन नहीं होगा। यह स्पष्ट है कि महाराष्ट्र में कांग्रेस की हार और गठबंधन के भविष्य को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष और विवाद बढ़ता जा रहा है।
Read This Also:- 'INDIA गठबंधन' के भविष्य को लेकर विपक्षी नेताओं में असमंजस, कांग्रेस पर उठ रहे सवाल
Read This Also:- 'INDIA गठबंधन' के भविष्य को लेकर विपक्षी नेताओं में असमंजस, कांग्रेस पर उठ रहे सवाल





