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लुधियाना उपचुनाव: सुनील जाखड़ का आरोप, AAP से गुप्त समझौता कांग्रेस की हार की वजह

पंजाब बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कांग्रेस नेताओं पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी की हार किसी संयोग का परिणाम नहीं थी, बल्कि कुछ वरिष्ठ नेताओं |

लुधियाना उपचुनाव: सुनील जाखड़ का आरोप, AAP से गुप्त समझौता कांग्रेस की हार की वजह
फोटो: लुधियाना उपचुनाव: सुनील जाखड़ का आरोप, AAP से गुप्त समझौता कांग्रेस की हार की वजह
लुधियाना पश्चिम विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद पार्टी को अंदर और बाहर दोनों ओर से आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। 23 जून को घोषित नतीजों में आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार संजीव अरोड़ा ने कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु को 10,000 से अधिक वोटों के अंतर से हराया। अब पार्टी के भीतर ही वरिष्ठ नेताओं पर 'आप' से मिलीभगत के गंभीर आरोप लगने लगे हैं, जिससे कांग्रेस की अंतर्कलह सतह पर आ गई है।

पंजाब बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कांग्रेस नेताओं पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी की हार किसी संयोग का परिणाम नहीं थी, बल्कि कुछ वरिष्ठ नेताओं द्वारा आम आदमी पार्टी से 'गुप्त समझौता' करने का नतीजा है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, जाखड़ ने कहा, "कांग्रेस की हार इसलिए हुई क्योंकि उनके ही कुछ नेताओं ने सौदेबाजी कर मुख्यमंत्री भगवंत मान के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।" यह बयान पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के उस आरोप के जवाब में आया जिसमें उन्होंने दावा किया था कि 'आप' और बीजेपी के बीच मिलीभगत से कांग्रेस को हराया गया। जाखड़ ने पलटवार करते हुए कहा, "कांग्रेस अब बीजेपी पर झूठे आरोप मढ़ रही है क्योंकि उन्हें डर है कि उनकी पोल खुल जाएगी।"

जाखड़ ने यह भी कहा कि सीएम भगवंत मान ने खुद विधानसभा में कांग्रेस नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे, लेकिन अपनी सरकार के तीन साल पूरे होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने संकेत दिया कि मान और कांग्रेस नेताओं के बीच ‘समझौता’ हो चुका है। "हर कोई जानता है कि सीएम मान ने परिवहन विभाग में किसके खिलाफ भ्रष्टाचार की बात कही थी, लेकिन कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई?"

कांग्रेस के भोलाथ विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने भी अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं पर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कुछ वरिष्ठ नेताओं ने अपने औद्योगिक हितों के चलते 'आप' के साथ गुप्त समझौता किया। एक्स (Twitter) पर पोस्ट में खैरा ने लिखा, "पार्टी को गंभीर आत्ममंथन करना चाहिए, खासकर उन नेताओं की भूमिका पर जो बार-बार उपचुनाव प्रभारी बनाए जाते हैं, बावजूद इसके कि वे हार जाते हैं। क्या उन्होंने अपने व्यवसायिक हितों के लिए कोई समझौता किया या आप उम्मीदवार को खड़ा करने में मदद की?"