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शशि थरूर की पोस्ट पर कांग्रेस का कटाक्ष, ‘आज़ाद परिंदे को भी रखनी चाहिए सावधानी’

मणिकम टैगोर ने शशि थरूर की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, "परिंदों को उड़ने के लिए इजाजत की जरूरत नहीं। लेकिन आज के दौर में आजाद परिंदे को भी आसमान |

शशि थरूर की पोस्ट पर कांग्रेस का कटाक्ष, ‘आज़ाद परिंदे को भी रखनी चाहिए सावधानी’
फोटो: शशि थरूर की पोस्ट पर कांग्रेस का कटाक्ष, ‘आज़ाद परिंदे को भी रखनी चाहिए सावधानी’
कांग्रेस पार्टी के भीतर मतभेद और आंतरिक असंतोष एक बार फिर सुर्खियों में हैं। वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर की हालिया सोशल मीडिया पोस्ट को पार्टी नेतृत्व के साथ उनके तल्ख रिश्तों के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। इसके जवाब में कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने भी परोक्ष रूप से निशाना साधा और सावधानी की नसीहत दी। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने शशि थरूर की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, "परिंदों को उड़ने के लिए इजाजत की जरूरत नहीं। लेकिन आज के दौर में आजाद परिंदे को भी आसमान पर नजर रखनी चाहिए। बाज, गिद्ध और चील हमेशा शिकार की ताक में रहते हैं। आजादी मुफ्त नहीं होती, खासकर तब जब शिकारी देशभक्ति के पर पहनकर आते हैं।" इस बयान को थरूर के लिए एक प्रतीकात्मक चेतावनी माना गया।

विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक कार्यक्रम में कहा था, "कांग्रेस के लिए देश पहले है, लेकिन कुछ लोगों के लिए मोदी पहले हैं।" इसके कुछ ही देर बाद शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक उड़ते हुए परिंदे की तस्वीर साझा करते हुए लिखा था, "उड़ने की इजाजत मत मांगो। पंख तुम्हारे हैं, और आसमान किसी का नहीं।" इस पोस्ट को खड़गे के बयान का परोक्ष जवाब माना गया।

थरूर हाल ही में अपने एक लेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते नजर आए, जिसमें उन्होंने मोदी को भारत के लिए एक महत्त्वपूर्ण संपत्ति बताया। उन्होंने पीएम की ऊर्जा, गतिशीलता और संवाद की इच्छा की सराहना की, जिससे पार्टी के भीतर और बाहर उनके बीजेपी में शामिल होने की अटकलें तेज हो गईं। हालांकि, थरूर ने इन अटकलों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि उनके बयान “राष्ट्रीय हित” और “ऑपरेशन सिंदूर” की सफलता से जुड़े थे, न कि किसी राजनीतिक संकेत से।

थरूर को ऑपरेशन सिंदूर के समर्थन में बनाए गए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सौंपा गया था। लेकिन उन्होंने इस दौरान यूपीए सरकार के कार्यकाल की सर्जिकल स्ट्राइक की तुलना में मोदी सरकार की कार्रवाई को ज्यादा प्रभावी बताया, जिससे कांग्रेस के भीतर नाराजगी और असहजता पैदा हुई। आलोचनाओं के जवाब में थरूर ने कहा कि उनके बयान को “ट्रोल्स और आलोचकों ने तोड़-मरोड़ कर पेश किया है” और उन्होंने “बनावटी गुस्से” पर समय न बर्बाद करने की बात कही।