घटना रविवार की शाम करीब 7 बजे उत्तर सिक्किम के चट्टन क्षेत्र में हुई, जब अचानक भारी बारिश के चलते सेना के कैंप पर लैंडस्लाइड हो गया। इस हादसे से न केवल कैंप बल्कि आसपास बने कई घर भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। प्रशासन द्वारा मृतकों और लापता लोगों की पहचान के लिए अभियान चलाया जा रहा है। बारिश और भूस्खलन की वजह से लोचन और लाचुंग जैसे पर्यटन स्थलों में लगभग 1,500 पर्यटक फंसे हुए हैं। मंगन जिले के एसपी सोनम देचू भूटिया ने बताया कि लाचेन में 115 और लाचुंग में करीब 1,350 पर्यटक रुके हुए हैं। हालांकि राहत की खबर यह है कि लाचुंग के लिए सड़क संपर्क आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है और आज से पर्यटकों की सुरक्षित निकासी शुरू की जा रही है।
सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीम ने भूस्खलन से जमा मलबे को हटाकर फिडांग के पास सस्पेंशन ब्रिज की दरारों को भरने का काम पूरा कर लिया है। अब लाचुंग से डिकचू तक चुंगथांग-शिपज्ञेरे-शंकलांग मार्ग के ज़रिए पर्यटकों की निकासी संभव हो सकी है।
BRO के अनुसार, 30 मई को हुई भारी बारिश और बादल फटने की घटना से उत्तर सिक्किम में व्यापक नुकसान हुआ। इस दौरान 130 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई, जिससे लाचेन, लाचुंग, गुरुदोंग्मर, वैली ऑफ फ्लावर्स और जीरो प्वाइंट जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले मार्ग पूरी तरह बाधित हो गए। कई सड़कों में दरारें पड़ गईं, पुल क्षतिग्रस्त हुए और जगह-जगह बड़े भूस्खलन हुए। प्रमुख क्षतिग्रस्त मार्गों में डिकचू-सिनकलंग-शिपगियर रोड, चुंगथांग-लेशेन-ज़ेमा रोड और चुंगथांग-लाचुंग रोड शामिल हैं।





