इस बीच विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार पर इस सैन्य अभियान का राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा,
"बीजेपी बेशर्मी से ऑपरेशन सिंदूर का राजनीतिकरण कर रही है। हम हमारी सशस्त्र सेनाओं को नमन करते हैं, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बीजेपी इस अभियान का श्रेय लेने की कोशिश कर रही है। यह सेना का अपमान है।"
उन्होंने कहा कि यह वही भारतीय सेना है जिसने बार-बार देश की रक्षा की है और अपने साहस से वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाई है।
कांग्रेस के आरोपों के जवाब में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने स्पष्ट किया है कि पार्टी का इस सैन्य अभियान को चुनावी प्रचार का हिस्सा बनाने का कोई इरादा नहीं है।
रविवार को भाजपा की ओर से जारी बयान में कहा गया कि कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह को पार्टी के आगामी महिला-केंद्रित अभियान का चेहरा बनाने की खबरें "पूर्णतः भ्रामक और झूठी" हैं।
BJP के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, "यह एक फर्जी खबर है। पार्टी की ओर से कर्नल सोफिया कुरैशी या विंग कमांडर व्योमिका सिंह को किसी प्रचार अभियान का चेहरा बनाने की कोई योजना नहीं है।"
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी के बयान को गलत तरीके से पेश किया गया, जहां उन्होंने कर्नल कुरैशी को मुस्लिम समाज की एक सशक्त महिला के उदाहरण के रूप में बताया था, न कि किसी राजनीतिक मंच का चेहरा बनाने की बात की थी।





