राष्ट्रपति की यात्रा को लेकर सुरक्षा एजेंसियां, विशेष रूप से स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी), सक्रिय हो गई हैं। मंदिर प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने तैयारियों की समीक्षा शुरू कर दी है। मंदिर क्षेत्र में सड़क मरम्मत और आवश्यक निर्माण कार्य शुरू कर दिए गए हैं।
टीडीबी अध्यक्ष पीएस प्रशांत ने जानकारी दी कि राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यक्रम की प्रतीक्षा की जा रही है, लेकिन तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही। उन्होंने बताया, “यह पहली बार है जब कोई राष्ट्रपति सबरीमाला आएंगे। राष्ट्रपति पहाड़ी चढ़ेंगी या नहीं, यह एसपीजी की सुरक्षा समीक्षा पर निर्भर करेगा। हम हर दिशा-निर्देश का पालन करने के लिए तैयार हैं।”
राष्ट्रपति मुर्मू 18 मई को कोट्टायम जिले में एक निजी कार्यक्रम में भाग लेंगी, जिसके बाद वे 19 मई को सबरीमाला के पास स्थित निलक्कल हेलीपैड पहुंचेंगी। वहां से पंपा बेस कैंप जाएंगी और संभवतः आम श्रद्धालुओं की तरह पहाड़ी चढ़कर मंदिर तक पहुंच सकती हैं। हालांकि इस विषय में अंतिम निर्णय उनकी सुरक्षा टीम लेगी।
राष्ट्रपति की यात्रा के कारण 18 और 19 मई को आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर दर्शन बंद रहेंगे। टीडीबी ने इन दो दिनों के लिए क्यूआर टिकट सेवा भी निलंबित कर दी है।
सबरीमाला मंदिर दक्षिण भारत के सबसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में से एक है, जो 3,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। मान्यता के अनुसार, यहां दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को 41 दिनों की तपस्या करनी होती है, जिसके बाद वे पंपा नदी पार कर पहाड़ी पर नंगे पांव चढ़ाई करते हैं। श्रद्धालु ‘इरुमुडी’ नामक पवित्र थैली लेकर 18 पवित्र सीढ़ियों को पार करके मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचते हैं। गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 1969 में वी.वी. गिरि ने सबरीमाला मंदिर में दर्शन किए थे, जब वे केरल के राज्यपाल थे।





