Molitics Logo
होम मन की शांति के लिए पंजाब पहुंचे केजरीवाल, सुरक्षा काफ़िले को देख स्वाति मालीवाल ने कसा तंज

मन की शांति के लिए पंजाब पहुंचे केजरीवाल, सुरक्षा काफ़िले को देख स्वाति मालीवाल ने कसा तंज

दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) की हार के लगभग एक महीने बाद, अरविंद केजरीवाल 'मन की शांति' की तलाश में पंजाब पहुंचे हैं। मंगलवार शाम को, उन्होंने अपनी |

मन की शांति के लिए पंजाब पहुंचे केजरीवाल, सुरक्षा काफ़िले को देख स्वाति मालीवाल ने कसा तंज
फोटो: Kejriwal, Swati Maliwal
दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) की हार के लगभग एक महीने बाद, अरविंद केजरीवाल 'मन की शांति' की तलाश में पंजाब पहुंचे हैं। मंगलवार शाम को, उन्होंने अपनी पत्नी सुनीता केजरीवाल के साथ पंजाब के होशियारपुर जिले में स्थित आनंदगढ़ गांव के धम्म धजा विपश्यना केंद्र में पहुंचकर 10 दिनों का विपश्यना सत्र शुरू किया। इस दौरान, उनके काफिले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें कई गाड़ियां उनके साथ चलती दिख रही थीं। यह दृश्य खासतौर पर ध्यान आकर्षित कर रहा था, क्योंकि अरविंद केजरीवाल, जो पहले वीआईपी कल्चर और सुरक्षा घेरों के खिलाफ रहते आए थे, अब खुद एक बड़े सुरक्षा काफिले में यात्रा कर रहे थे। काफिले में लाल और नीली बत्तियों वाली कई गाड़ियां थीं, जो इस दृश्य को और अधिक चर्चा का विषय बना गईं। वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं।

 'आप' की बागी राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने भी इस वीडियो को अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया और अरविंद केजरीवाल पर तंज कसा। उन्होंने लिखा, "जिस पंजाब की जनता ने इतना प्यार दिया, उससे क्या डर लगता है केजरीवाल जी को? वह जो हमेशा वीआईपी कल्चर पर सवाल उठाते थे, आज खुद डोनाल्ड ट्रंप से भी बड़े सुरक्षा घेरे में घूम रहे हैं। यह दिखाता है कि कैसे कुछ लोग सत्ता में आते ही अपने पूर्व के सिद्धांतों को भूल जाते हैं। पंजाब जैसे महान सूबे को अपने ऐशो आराम का साधन बना लिया गया है।" स्वाति मालीवाल के ट्वीट ने इस मुद्दे को और अधिक तूल दे दिया, क्योंकि उनके विचारों ने केजरीवाल के विरोधियों को और एक मौका दिया उनके प्रति अपनी नाराजगी जाहिर करने का।

 अरविंद केजरीवाल को केंद्र सरकार की तरफ से जेड कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान की गई है, और यह सुरक्षा उनके पद की वजह से दी जाती है। हालांकि, उनके काफिले में इतनी बड़ी संख्या में गाड़ियां और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के बाद, भाजपा नेताओं ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। भाजपा के वरिष्ठ नेता और दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस काफिले पर तीखा हमला करते हुए कहा, "अरविंद केजरीवाल विपश्यना के लिए पंजाब पहुंचे, लेकिन इस नजारे ने सबको चौंका दिया। 50 से ज्यादा गाड़ियां, 2-2 करोड़ रुपये की गाड़ियां, 100 से ज्यादा पुलिस कमांडो, और एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां—यह सुरक्षा के नाम पर किया गया था। वह शांति के लिए जा रहे थे, लेकिन शांति के इस उपाय में पंजाब के खजाने से लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। यह शांति का क्या मतलब है, जब इस शांति की प्रक्रिया के लिए इतनी बड़ी सुरक्षा तैनात की गई है?"

 अरविंद केजरीवाल विपश्यना के सत्र में पहले भी कई बार भाग ले चुके हैं। वह पहले भी जयपुर, नागपुर, धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश), बेंगलुरु और अन्य स्थानों पर विपश्यना साधना के सत्रों में शामिल हो चुके हैं। यह दूसरी बार है जब वह आनंदगढ़ के विपश्यना केंद्र में आकर 10 दिवसीय सत्र में भाग ले रहे हैं। इससे पहले, दिसंबर 2023 में उन्होंने यहां एक 10 दिवसीय विपश्यना सत्र में भाग लिया था। अरविंद केजरीवाल का यह कदम कहीं न कहीं उनके मानसिक शांति की खोज को दिखाता है, लेकिन उनके इस कदम ने राजनीतिक विरोधियों और जनता के बीच एक नई बहस छेड़ दी है, जो उनके प्रोटोकॉल, सुरक्षा घेरे और शांति की खोज के तरीके पर सवाल उठा रहे हैं।

Read This Also:- पंजाब सरकार के खिलाफ किसान संगठनों का ऐलान, 10 मार्च को AAP विधायकों के घरों का घेराव करेंगे किसान