इसके अलावा, लाखोवाल ने आगे कहा कि 15 मार्च को सीएम भगवंत मान के घर का घेराव भी किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि 15 मार्च को मुख्यमंत्री भगवंत मान को चर्चा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। अगर वह उस दिन उपस्थित नहीं हो पाते हैं तो वे किसी अन्य तारीख पर इस चर्चा को आयोजित करने के लिए तैयार हैं।
लाखोवाल ने कहा कि हाल ही में सीएम भगवंत मान ने किसानों से एक बैठक की थी, लेकिन उस मीटिंग का कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला। इसके पीछे उनका आरोप था कि भगवंत मान ने बैठक को अधूरा छोड़ दिया और किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री का रवैया ऐसा था कि किसानों के पास अब केवल सड़कों पर उतरने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा। लाखोवाल का मानना है कि इस तरह के फैसले किसानों को आक्रोशित करने के अलावा कोई और रास्ता नहीं दिखाते हैं।
इस बीच, 5 मार्च को चंडीगढ़ जाने के दौरान पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए किसानों को रिहा कर दिया गया है। यह गिरफ्तारी तब हुई थी जब किसान पंजाब सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। किसानों की प्रमुख मांगों में भूमिहीन खेतिहर मजदूरों को जमीन देने, किसानों के कर्ज माफ करने, और भूमि अधिग्रहण के नियमों में बदलाव की मांगें शामिल हैं। हालांकि, अब तक राज्य सरकार के साथ इस मामले में कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। किसान संगठन सरकार से जल्द से जल्द उचित समाधान की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि किसानों की समस्याओं का हल हो सके और उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके।
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